नई दिल्ली: सहारा इंडिया परिवार ने अपने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष करने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
समूह ने शीर्ष अदालत में एक अपील दायर कर मांग की है कि इस महीने सेवानिवृत्त हो रहे 457 कर्मचारियों के सभी बकाया और अन्य देय भुगतान के लिए उनके सेबी खाते से 15.98 करोड़ रुपये जारी किए जाएं।
सहारा इंडिया का कहना है कि उसके करीब 25,000 करोड़ रुपये सेबी के अकाउंट में जमा हैं, जो वर्षों से अनुपयोगी पड़े हैं। समूह ने अदालत से आग्रह किया है कि यह राशि उनके कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे बकाया वेतन, पीएफ और अन्य भुगतान पूरे किए जा सकेंगे।
समूह का कहना है कि कर्मचारियों को सम्मानजनक तरीके से सेवानिवृत्त करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सहारा का यह भी कहना है कि अदालत यदि हस्तक्षेप कर कर्मचारियों के हित में राशि जारी करने का आदेश देती है तो यह न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि जनहित और सरकार की छवि के लिए भी सम्मानजनक कदम होगा।




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