बीरा 91 की पैरेंट कंपनी B9 Beverages पर वेतन और वैधानिक देयों (Statutory Dues) में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
🚨 मुख्य हाईलाइट्स:
कुल बकाया राशि: ₹82 करोड़ का अनुमान।
वेतन संकट: ₹55 करोड़ का वेतन बकाया; कई महीनों से सैलरी रुकी।
सरकारी कटौतियां: ₹27 करोड़ का PF, TDS और NPS काटा गया पर जमा नहीं हुआ।
विवाद की स्थिति: दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में कर्मचारियों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन।
📉 क्या है पूरा मामला?
भारत के चर्चित क्राफ्ट बीयर ब्रांड Bira 91 की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कंपनी के करीब 700 वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने प्रबंधन पर गंभीर वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का दावा है कि कंपनी ने उनके वेतन से टैक्स (TDS) और पीएफ (PF) की कटौती तो की, लेकिन इसे संबंधित सरकारी विभागों में जमा नहीं कराया।
⚠️ वेतन और व्यक्तिगत परेशानियां
कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही है:
लंबे समय से लंबित वेतन: लगभग 80 सक्रिय कर्मचारियों को 12 महीने से अधिक समय से वेतन नहीं मिला है।
रुके हुए दावे: कई कर्मचारियों के रीइम्बर्समेंट क्लेम्स
(Reimbursement Claims)
पिछले 2 साल से अटके हुए हैं।
इंश्योरेंस लैप्स: ग्रुप इंश्योरेंस प्रीमियम न भरने के कारण पॉलिसी खत्म हो गई है, जिससे कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा खतरे में है।
आर्थिक तनाव: कर्मचारियों ने बताया कि वे किराया देने, बच्चों की स्कूल फीस भरने और बैंक EMI चुकाने में असमर्थ हैं।
⚖️ सरकारी विभागों में शिकायत और कानूनी कार्रवाई
न्याय की मांग को लेकर कर्मचारियों ने विभिन्न उच्च स्तरीय अधिकारियों और पोर्टल्स का दरवाजा खटखटाया है:
PMO (CPGRAMS): प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज।
EPFO और CBDT: पीएफ और टीडीएस घोटाले की जांच की मांग।
श्रम मंत्रालय: श्रम न्यायालय के आदेश (Order 48(166A)/2025-B3) को तत्काल लागू करने की अपील।
”यह केवल सैलरी की बात नहीं है, यह हमारे भविष्य की जमा पूंजी (PF/NPS) के साथ किया गया विश्वासघात है।” — एक पीड़ित कर्मचारी
🔍 आगे की राह
फिलहाल B9 Beverages Ltd. की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। आने वाले दिनों में नियामक एजेंसियों (Regulatory Agencies) की जांच और श्रम विभाग की सख्ती कंपनी के भविष्य को तय करेगी।




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