Home » आवाजाही » न्यूज इंडिया चैनल से इस्तीफा देकर Zee न्यूज चैनल पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार ब्रह्म प्रकाश दुबे,मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

न्यूज इंडिया चैनल से इस्तीफा देकर Zee न्यूज चैनल पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार ब्रह्म प्रकाश दुबे,मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

523 Views

टेलीविजन जगत के वरिष्ठ पत्रकार ब्रह्म प्रकाश दुबे, जिन्हें 21 वर्षों से ज्यादा का दिल्ली और देश की राजनीति को कवर करने का अनुभव है, अब नए रोल में हाज़िर हैं। उन्हें Zee न्यूज चैनल में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने चैनल को बतौर असिस्टेंट एडिटर ज्वाइन किया है।

इसके पहले वो न्यूज इंडिया चैनल में कार्यरत थे लेकिन वहां की मैनेजमेंट पॉलिटिक्स के चलते उन्होंने 1 हफ्ते में ही खुद इस्तीफा दे दिया

दुबे जी ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत ज़ी न्यूज़ (Zee news) से साल 2004 में ट्रेनी के तौर पर की। इससे बाद से ज़ी न्यूज़ में अलग-अलग पदों पर रहते हुए खबरों को अलग अंदाज में कवर करते रहे है। बीते 20 वर्षों से ज़ी न्यूज़ (Zee news) में रिपोर्टिंग करते रहे हैं। दिल्ली में क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर एमसीडी, दिल्ली सरकार कवर करते हुए इन्होंने कई बड़ी स्टोरीज की जो चर्चित रही। दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान कई गड़बड़ियों का खुलासा किया।

2010-11 में तत्कालीन दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री के परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में दो आईएएस अधिकारियों का स्टिंग ऑपरेशन और खबर का खुलासा उन्होंने किया जिस पर राजनीतिक भूचाल आया और ये मामला दिल्ली विधानसभा और देश की संसद में भी गूंजा। एक दौर में आरटीआई लगाकर बड़ी खबरों का खुलासा करने के लिए वह जाने जाते रहे हैं।

देश के सबसे बड़ी अपराधिक घटना नोएडा के निठारी कांड, जिसमें 40 से ज्यादा मासूम बच्चे गायब हुए और हत्याएं हुई इसका खुलासा करने के लिए भी वो जाने जाते हैं। मासूम बच्चे जब निठारी से गायब हो रहे थे तो बच्चों के माता-पिता को ज़ी न्यूज़ Zee news के स्टूडियो में ले जाकर सबसे पहले तत्कालीन सरकार के समक्ष सवाल खड़ा किया था कि क्यों नोएडा की एक रहस्यमयी जगह है और यहां से बच्चे गायब हो रहे हैं सरकार उनको क्यों नहीं खोजती।

बीते एक दशक से ज्यादा समय से वह देश की राष्ट्रीय राजनीति को उसी अंदाज में कवर कर रहे हैं जैसे दिल्ली की स्थानीय राजनिति पर रिपोर्टिंग की।

पत्रकार साथियों के मुताबिक वह साल 2013 से देश की संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय, रेल मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, परिवहन मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों के साथ ही पॉलिटिकल पार्टीज को कवर करते रहे हैं। वह ऐसे पत्रकार के तौर पर जाने जाते हैं जिन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ सत्ताधारी बीजेपी पार्टी को भी कवर किया है लेकिन कभी अपने ऊपर किसी एक पार्टी का प्रवक्ता बनने का ठप्पा नहीं लगने दिया। देश की दोनों ही बड़ी राजनीतिक पार्टियों में उनकी पकड़ है।

पूरी कोविड महामारी के दौरान उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग खासी चर्चा में रहीं। स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की तरफ से इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। कोविड के दौरान मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाके बैतूल के जिन गांवों के Tribal लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे थे उन गांव में जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की बाद में जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मन की बात कार्यक्रम में किया और आदिवासियों से pm ने बात कर उनसे कोविड वैक्सीन लगवाने की अपील की।

पर्यावरण रिपोर्टिंग के लिए भी उनकी कई स्टोरी चर्चित रही है मध्य प्रदेश में बक्सवाहा के घने जंगलों को हीरे के लिए काटे जाने का मामला हो या फिर नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से नर्मदा की कम होती उद्गम धारा का मामला हो उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग और प्रोग्राम चर्चित रहा जिसको लेकर बाद में पर्यावरण मंत्रालय ने कई कदम उठाए।

आप कह सकते हैं दिल्ली में मिनी पार्लियामेंट नगर निगम से लेकर देश की संसद तक की राजनीति वह बीते 21 वर्षों से कवर कर रहे हैं।

Zee news से तीन बार “बेस्ट रिपोर्टर ऑफ द मंथ” पुरस्कार

विदेश मंत्रालय से कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर प्रशिक्षण और प्रमाणन
स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर से कोविड वैक्सीन रिपोर्टिंग पर सम्मान पत्र
हरियाणा सरकार से चौधरी देवीलाल पुरस्कार
उत्तराखंड के राज्यपाल द्वारा मानवाधिकारों पर काम के लिए सम्मानित
मातृसेवा पुरस्कार
कोविड के दौरान ग्राउंड रिर्पोटिंग के लिए अटल बिहारी वाजपेयी कोरोना वॉरियर पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

media4samachar
Author: media4samachar

Live Cricket

Daily Astrology