

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के एसपी सिटी मानुष पारिख से जुड़े अवमानना मामले में सख़्त रुख अपनाते हुए तीन सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक व्यक्तिगत हलफ़नामा दाख़िल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में शपथपत्र प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ द्वारा कंटेम्प्ट आवेदन संख्या 6750/2025 में पारित किया गया, जो पत्रकार मयूर तलवार द्वारा दाख़िल किया गया है।
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया कि पूर्व में पारित निर्देशों के अनुपालन को लेकर अब तक स्पष्ट स्थिति अदालत के समक्ष नहीं रखी गई है।
अदालत ने कहा कि अवमानना मामलों में न्यायालय के आदेशों का पालन सर्वोपरि होता है और किसी भी पदाधिकारी को तथ्यों के साथ अपना पक्ष स्पष्ट करना होता है।
मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की गई है, जिसमें प्रस्तुत हलफ़नामे की समीक्षा के बाद अदालत आगे का निर्णय लेगी।
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि अदालत को दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अवमानना कार्यवाही में आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।





Users Today : 35
Users Yesterday : 139