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विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट ने CO दीपक सिंह पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया,वर्तमान में दीपक आगरा में हैं तैनात

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23 महीने पुराने दलित उत्पीड़न और आत्मदाह प्रकरण में न्यायालय ने तत्कालीन क्षेत्राधिकारी दीपक सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। दलित युवक श्रीचंद रावत ने जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आत्मदाह किया था। उसकी मौत के बाद परिवार ने न्याय की

23 महीने पुराने दलित उत्पीड़न और आत्मदाह प्रकरण में न्यायालय की सख्ती सामने आई है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की कोर्ट ने पुरवा में तैनात रहे तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) दीपक सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया। यह वही सनसनीखेज मामला है, जिसमें दलित युवक श्रीचंद रावत ने आरोपितों को बचाने और जातिगत उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी, जिसके दो दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। पुरवा कोतवाली क्षेत्र के भुलेमऊ गांव निवासी श्रीचंद रावत पर 18 अक्टूबर 2023 को भूमि विवाद के चलते एक विशेष समुदाय के करीब आधा दर्जन लोगों ने लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया था।

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Court Orders Case Against Former Officer in Dalit Suicide Case
23 माह बाद कोर्ट की सख्ती, पूर्व सीओ दीपक सिंह पर केस दर्ज करने का आदेश
Sat, 29 Nov 2025, 05:28:PM
Newswrap हिन्दुस्तान, उन्नाव
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23 माह बाद कोर्ट की सख्ती, पूर्व सीओ दीपक सिंह पर केस दर्ज करने का आदेश
संक्षेप:
Unnao News – पुरवा में 23 महीने पुराने दलित उत्पीड़न और आत्मदाह प्रकरण में न्यायालय ने तत्कालीन क्षेत्राधिकारी दीपक सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। दलित युवक श्रीचंद रावत ने जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आत्मदाह किया था। उसकी मौत के बाद परिवार ने न्याय की गुहार लगाई, जिसके परिणामस्वरूप यह निर्णय लिया गया।

पुरवा। 23 महीने पुराने दलित उत्पीड़न और आत्मदाह प्रकरण में न्यायालय की सख्ती सामने आई है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की कोर्ट ने पुरवा में तैनात रहे तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) दीपक सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया। यह वही सनसनीखेज मामला है, जिसमें दलित युवक श्रीचंद रावत ने आरोपितों को बचाने और जातिगत उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी, जिसके दो दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। पुरवा कोतवाली क्षेत्र के भुलेमऊ गांव निवासी श्रीचंद रावत पर 18 अक्टूबर 2023 को भूमि विवाद के चलते एक विशेष समुदाय के करीब आधा दर्जन लोगों ने लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया था।

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इस हमले में श्रीचंद, उसका भाई और भतीजा गंभीर रूप से घायल हुए। मामले में पुरवा थाने में दलित उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ, जिसकी जांच तत्कालीन सीओ दीपक सिंह को सौंपी गई। श्रीचंद ने आरोप लगाया था कि सीओ दीपक सिंह आरोपितों के नाम हटाने, धाराएं कम करने और तीन लाख रुपये की मांग कर रहे थे। उसने कई बार उच्चाधिकारियों को शिकायतें भेजकर जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने से निराश होकर 27 दिसंबर 2023 को वह एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां उसने खुद को पेट्रोल डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसते हुए उसने सीओ पर जातिगत उत्पीड़न और रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए। 29 दिसंबर को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। युवक की मौत के बाद पुरवा क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया। परिजनों ने अंतिम संस्कार तक करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सरकार की किरकिरी होते ही प्रशासन ने सीओ दीपक सिंह और थाना प्रभारी सुरेश सिंह को हटाया और परिवार को न्याय का वादा किया। इसके बावजूद सीओ पर केस दर्ज नहीं किया गया। न्याय के लिए भटकते हुए मृतक के भाई मूलचंद ने कई बार मुख्यमंत्री तक से गुहार लगाई, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की, लेकिन हर जगह से निराशा ही मिली। अंततः उन्होंने न्यायालय की शरण ली। 23 माह की लंबी लड़ाई के बाद विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कविता मिश्रा की कोर्ट ने सीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को ढाई साल बाद उम्मीद दी है, बल्कि पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समझौता नहीं किया तो उसके खिलाफ भी क्रॉस रिपोर्ट कर दी थी दर्ज श्रीचंद्र पासी ने 18 अक्तूबर को पुरवा थाना में तहरीर देकर बताया था कि पिता राम स्वरुप का दीवानी मुकदमा पुरवा कोर्ट में विचाराधीन है। पड़ोसी अनीश, सरीफ, साबिरा, मुनीर और मुमताज व उसकी पत्नी गिलनिशा के खिलाफ लाठी और धारदार हथियार से मारने व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का केस दर्ज कराया था। श्रीचंद्र की तहरीर पर पुरवा थाना में धारा 147, 148, 323, 504, 506, 308 एससीएसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया था। वहीं, भूलेमऊ गांव निवासी विपक्षी सरीफ की पत्नी साबिरा की तहरीर पर थाना में श्रीचंद, उसके पिता राम स्वरूप, भाई मूलचंद व भतीजे महेंद्र के खिलाफ 24 अक्तूबर मारपीट की क्रॉस रिपोर्ट दर्ज की गई थी। श्रीचंद्र पासी का आरोप था कि समझौत न करने पर सीओ ने विपक्षी की तहरीर पर क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले को लेकर श्रीचंद्र आठ आठ पर एसपी कार्यालय व थाना पहुंच शिकायत कर चुका था।

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Author: media4samachar

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