नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को एक मामले में बड़ी अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने गाजियाबाद पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ता को संबंधित एफआईआर (FIR) की प्रति तुरंत उपलब्ध कराएं और इस संबंध में अपनी अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) अदालत में दाखिल करें।
इसके साथ ही, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस प्रकरण से जुड़ी अन्य किसी भी संभावित या दर्ज एफआईआर पर दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक लगा दी है।
अदालत के प्रमुख निर्देश
गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण: पत्रकार की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई है।
FIR की प्रति और रिपोर्ट: गाजियाबाद पुलिस को एफआईआर की आधिकारिक प्रति सौंपने और मामले की प्रगति पर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
संभावित कार्यवाहियों पर रोक: इस विषय से जुड़ी अन्य सभी एफआईआर पर भी फिलहाल रोक प्रभावी रहेगी।
पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सवाल
मामले में अभिषेक उपाध्याय का पक्ष सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट प्रदीप राय (असिस्टेड बाय अनूप प्रकाश अवस्थी, एओआर) ने रखा। राहत मिलने के बाद अभिषेक उपाध्याय ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि जनहित के मुद्दों और भ्रष्टाचार को उजागर करना उनका दायित्व रहा है और वे अपने काम को बिना किसी डर के जारी रखेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदेश निष्पक्ष पत्रकारिता और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मिले वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की गई है।





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