
फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भ्रामक खबरें चलाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। ताजा मामला टूंडला का है, जहाँ तहसीलदार राखी शर्मा ने ABP न्यूज़ के संवाददाता रंजीत गुप्ता की ‘पत्रकारिता’ पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें कोर्ट के जरिए कानूनी नोटिस थमा दिया है।
हेकड़ी निकली बाहर: बिना सबूत के लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्टर रंजीत गुप्ता व्हाट्सएप ग्रुपों में तहसीलदार के खिलाफ लगातार जहर उगल रहे थे। उन्होंने एक जमीन के मामले में तहसीलदार पर पैसे लेने के गंभीर आरोप लगाए, लेकिन जब कानूनी तौर पर इन आरोपों के सबूत (Evidence) मांगे गए, तो रिपोर्टर के हाथ-पांव फूल गए। भ्रष्टाचार का एक भी साक्ष्य पेश न कर पाने के कारण अब यह मामला पत्रकार के गले की फांस बन चुका है।
7 दिन की मोहलत, फिर होगी ‘कड़ी कार्रवाई’
तहसीलदार राखी शर्मा ने कोर्ट के माध्यम से स्पष्ट चेतावनी दी है कि रंजीत गुप्ता को 7 कार्य दिवसों के भीतर अपना लिखित जवाब दाखिल करना होगा। नोटिस का लहजा साफ है—या तो सबूत दो, या फिर मानहानि और भ्रामक खबर फैलाने के जुर्म में गंभीर कानूनी कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहो। प्रशासन के इस कड़े रुख से जिले में ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ चलाने वाले तथाकथित खबरनवीसों के होश उड़े हुए हैं।
हाईकोर्ट खुलते ही शुरू होगा ‘कानूनी हंटर’
त्योहारों के चलते हाईकोर्ट 9 मार्च तक बंद है, लेकिन वर्किंग डे शुरू होते ही रंजीत गुप्ता के पास जवाब देने के लिए समय बहुत कम बचेगा। अगर समय सीमा के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो प्रशासन कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।



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