भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क ने आज पटना में ‘नए भारत की बात, बिहार के साथ’ कॉन्क्लेव आयोजित किया. इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार के साथ दीप प्रज्वलन कर किया. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पूर्व यह मेगा इवेंट राजनीतिक, सामाजिक और मीडिया जगत के प्रमुख हस्तियों का समागम बना. कॉन्क्लेव की शुरुआत में चैनल के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया.

उन्होंने इसे चैनल की स्थापना के बाद पटना में पहला बड़ा आयोजन बताते हुए कहा कि भारत एक्सप्रेस ने बिहार, झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक लगभग हर जिले में अपने प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं. सीएमडी उपेंद्र राय ने अपने संबोधन में पत्रकारिता की बदलती भूमिका, सोशल मीडिया की ताकत और तकनीकी क्रांति पर गहन विचार व्यक्त किए, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश साबित हुए.
पत्रकारिता का महत्व: 1787 में स्थापित हुआ यह चौथा स्तंभ
सीएमडी उपेंद्र राय ने अपने उद्घाटन संबोधन में पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए इसका ऐतिहासिक संदर्भ प्रस्तुत किया. उन्होंने ब्रिटिश विचारक एवं सांसद एडमंड बर्क का जिक्र करते हुए कहा कि 1787 में ब्रिटिश संसद के समक्ष बर्क ने पहली बार प्रस्ताव रखा था कि कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका निरंकुश न हो जाएं, इसके लिए चौथे खंभे की स्थापना आवश्यक है. सीएमडी उपेंद्र राय ने स्पष्ट किया कि ब्रिटिश साम्राज्य के वैश्विक प्रभुत्व के दौर में यह विचार तुरंत स्वीकार्य हो गया, जिससे प्रेस को कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के साथ लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मान्यता मिली. उन्होंने जोर देकर कहा, “कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका पर नजर रखने के लिए चौथे खंभे के रूप में प्रेस की स्थापना की गई थी. प्रेस की यही भूमिका आज भी उतनी ही अहम है और इस पर गंभीर चर्चा जरूरी है कि पत्रकारिता कितनी जिम्मेदार होनी चाहिए.”
सीएमडी उपेंद्र राय ने यह भी उल्लेख किया कि आज दुनिया के हर देश में प्रेस की यह भूमिका अहम बनी हुई है, जो सत्ता के तीनों स्तंभों पर नजर रखने का दायित्व निभाती है. उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य कभी नहीं बदलना चाहिए – यह लोकतंत्र की रक्षा का माध्यम है. इस ऐतिहासिक संदर्भ से श्री राय ने युवा पीढ़ी को प्रेरित किया कि वे इस जिम्मेदारी को समझें और निभाएं.
पत्रकारिता के साधनों में परिवर्तन: प्रिंट से सोशल मीडिया तक का सफर
सीएमडी उपेंद्र राय ने पत्रकारिता के साधनों में आए क्रमिक परिवर्तनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय के साथ पत्रकारिता के माध्यम लगातार विकसित होते रहे हैं. उन्होंने बताया, “पत्रकारिता के साधन समय के साथ लगातार बदलते रहे हैं. प्रिंट से इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रॉनिक से डिजिटल और अब डिजिटल से आगे बढ़कर सोशल मीडिया सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुका है.”
सीएमडी उपेंद्र राय ने भारत एक्सप्रेस की तीव्र प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि चैनल को बहुत कम समय में देश के प्रमुख प्लेटफॉर्म्स जैसे डीडी फ्रीडिश, टाटा प्ले, डिश टीवी, डी2एच, एयरटेल और जियो टीवी पर स्थान मिल चुका है. यह उपलब्धि न केवल चैनल की विश्वसनीयता को दर्शाती है, बल्कि डिजिटल युग में पत्रकारिता की पहुंच को भी रेखांकित करती है.
सीएमडी उपेंद्र राय ने जोर दिया कि ये बदलाव पत्रकारिता को अधिक समावेशी और त्वरित बनाने वाले हैं, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. उन्होंने कॉन्क्लेव के संदर्भ में कहा कि बिहार जैसे राज्य में, जहां चुनावी माहौल गर्म है, पत्रकारिता को सच्चाई और संतुलन का दर्पण बनना होगा. सीएमडी उपेंद्र राय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत एक्सप्रेस की पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्ता के तीनों स्तंभों पर नजर रखना और लोकतंत्र के चौथे खंभे की जिम्मेदारी निभाना है, जो तकनीकी बदलावों के बावजूद अपरिवर्तनीय रहेगा. इस संबोधन से उपस्थित राजनीतिक नेताओं और छात्रों में उत्साह का संचार हुआ.
सोशल मीडिया की असीम ताकत: मोबाइल फोन-हर हाथ का हथियार
कॉन्क्लेव के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए सीएमडी उपेंद्र राय ने सोशल मीडिया को पत्रकारिता का सबसे शक्तिशाली हथियार बताया. उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया ने आपलोगों को एक अजीब सी ताकत दी है. इसके लिए आपको किसी न्यूज रूम की जरूरत नहीं है. किसी अप्रूवल की जरूरत नहीं है. आपके हाथ में मौजूद मोबाइल आपका सबसे बड़ा हथियार है. बस आपको उसपर अपनी बात रखनी आनी चाहिए.”
सीएमडी उपेंद्र राय ने स्पष्ट किया कि 25 वर्ष पूर्व सूचना प्रसार के साधन सीमित थे, लेकिन आज सोशल मीडिया ने हर व्यक्ति को तत्काल अपनी समस्याओं को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की क्षमता प्रदान कर दी है. उन्होंने मणिपुर घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि दो महिलाओं के साथ हुई अमानवीय घटना पर एक फेसबुक पोस्ट ने राष्ट्रीय आंदोलन खड़ा कर दिया. मुख्यधारा का मीडिया उस समय पीछे रह गया, लेकिन सोशल मीडिया ने संसद का विशेष सत्र बुलवाया और 35,000 अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती कराई.
सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा, “मुख्यधारा मीडिया उस समय पीछे रह गया, लेकिन सोशल मीडिया ने लोगों की उम्मीदों और भरोसे को नई ऊंचाई दी.” उन्होंने मुख्यधारा मीडिया की सीमाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब यह सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं को जनता तक पहुंचाने में असमर्थ है, जबकि सोशल मीडिया का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जितने लोगों के हाथों में मोबाइल फोन हैं, उतने ही इसके लिए कार्यरत हैं. सीएमडी उपेंद्र राय ने छात्रों को सलाह दी कि वे इस ताकत का सदुपयोग करें और अपनी आवाज को मजबूत बनाएं.
तकनीक के जरिए जीवन को सरल बनाना और समय की बचत
सीएमडी उपेंद्र राय ने तकनीकी क्रांति पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि तकनीक हमेशा दो उद्देश्यों की पूर्ति करती है—लोगों का जीवन सरल बनाना और समय की बचत. उन्होंने चैटजीपीटी जैसे आधुनिक टूल्स का उदाहरण दिया, जो रिसर्च या ड्राफ्टिंग का कार्य कुछ ही सेकंडों में पूरा कर देते हैं. सीएमडी उपेंद्र राय ने जोर देकर कहा, “तकनीक हमेशा दो काम करती है, लोगों का जीवन आसान बनाना और समय बचाना.” इस संदर्भ में उन्होंने पत्रकारिता के भविष्य पर विचार व्यक्त किए कि डिजिटल टूल्स न केवल गति प्रदान करते हैं, बल्कि सटीकता भी सुनिश्चित करते हैं.
सीएमडी उपेंद्र राय ने कॉन्क्लेव के मंच से बिहार के डीजीपी विनय कुमार के साथ राज्य की कानून-व्यवस्था, नए कानूनों और हालिया संशोधनों पर चर्चा की, जहां तकनीक की भूमिका को उजागर किया. उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव 2025 के संदर्भ में तकनीक पत्रकारिता को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना सकती है. सीएमडी उपेंद्र राय ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे इन टूल्स का उपयोग सकारात्मक परिवर्तन के लिए करें, न कि अफवाहों के प्रसार के लिए. यह विचार-विमर्श कॉन्क्लेव को एक गहन बौद्धिक मंच के रूप में स्थापित करता है.
बिहार कॉन्क्लेव का महत्व: नए भारत की बात बिहार के साथ
सीएमडी उपेंद्र राय ने कॉन्क्लेव के थीम ‘नए भारत की बात, बिहार के साथ’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन बिहार के विकास और चुनावी परिदृश्य को नए आयाम देगा. सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि भारत एक्सप्रेस का यह प्रयास बिहार को राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनाने का है. उन्होंने अपने समापन उद्गार में दोहराया कि पत्रकारिता की जिम्मेदारी लोकतंत्र को मजबूत रखना है, और सोशल मीडिया इस दिशा में नया आयुध प्रदान करता है.
सीएमडी उपेंद्र राय ने छात्रों से अपील की कि वे पत्रकारिता के बदलते स्वरूप को अपनाएं और बिहार के निर्माण में योगदान दें. यह कॉन्क्लेव न केवल राजनीतिक चर्चा का मंच बना, बल्कि पत्रकारिता के भविष्य पर गंभीर बहस को भी प्रोत्साहित किया. भारत एक्सप्रेस इस तरह के आयोजनों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प दोहराता है.
सीएमडी उपेंद्र राय के संबोधन ने कॉन्क्लेव को एक ऐतिहासिक आयाम प्रदान किया. उनके विचारों ने पत्रकारिता को न केवल चौथा स्तंभ सिद्ध किया, बल्कि सोशल मीडिया और तकनीक को इसकी मजबूती का आधार भी बताया. सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि भारत एक्सप्रेस की पत्रकारिता सत्ता के तीनों स्तंभों पर सजग नजर रखेगी.
उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, सम्राट चौधरी, सीपीआई-एमल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सैयद शाहनवाज़ हुसैन, कैबिनेट मंत्री डॉ. अशोक चौधरी और जन शक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव सहित विभिन्न राजनेताओं की उपस्थिति और योगदान की सराहना की.




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