Home » टीवी » अयोध्या राम मंदिर दान मामला: द इकोनॉमिस्ट ने ‘Top Secret’ की खोजी खबर को सराहा

अयोध्या राम मंदिर दान मामला: द इकोनॉमिस्ट ने ‘Top Secret’ की खोजी खबर को सराहा

1,127 Views

लंदन / अयोध्या: लंदन से प्रकाशित दुनिया की प्रतिष्ठित खोजी एवं विश्लेषणात्मक पत्रिका The Economist (द इकोनॉमिस्ट) ने अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा और दान में हुई अनियमितताओं के मामले को अपने नवीनतम अंक में प्रमुखता से शामिल किया है। 6 अगस्त 2026 को प्रकाशित अपने एशिया सेक्शन के लेख “A temple scandal rocks India’s ruling party” में पत्रिका ने भारतीय यूट्यूब चैनल Top Secret और उसके संचालक वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की खोजी रिपोर्टिंग का स्पष्ट उल्लेख किया है।

​अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित प्रकाशन द्वारा किसी स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म की खबर को उद्धृत किया जाना पत्रकारिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

​द इकोनॉमिस्ट के लेख में क्या है?

The Economist ने अपने लेख में सीधे तौर पर उल्लेख किया है कि राम मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं और दान चोरी से जुड़े आरोपों को सबसे पहले जून 2026 की शुरुआत में ‘Top Secret’ चैनल ने सार्वजनिक किया था।

​पत्रिका के लेख के अनुसार:

“अभिषेक उपाध्याय, जिनके मीडिया प्लेटफॉर्म Top Secret ने जून की शुरुआत में सबसे पहले इन आरोपों को उजागर किया था, का कहना है कि यह गड़बड़ी बेहद गहरी है। उनका दावा है कि एक व्हिसलब्लोअर ने जांचकर्ताओं के साथ मंदिर निर्माण प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के सबूत साझा किए हैं। (उनका दावा है कि मंदिर निर्माण की लागत शुरुआती अनुमानित 8 अरब रुपये से बढ़कर 2024 में उद्घाटन के समय तक 22 अरब रुपये तक पहुंच गई थी।)”

 

​पत्रिका ने मंदिर प्रबंधन पर लगे आरोपों, सरकारी रिपोर्ट में कथित चोरी की पुष्टि तथा अनुमानित वित्तीय नुकसान (जो कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 7 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है) का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया है।

​क्या है पूरा मामला? (पृष्ठभूमि)

​मामले की शुरुआत जून 2026 के शुरुआती सप्ताह में हुई, जब यूट्यूब चैनल ‘Top Secret’ पर पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान की गणना और वित्तीय प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों पर एक खोजी रिपोर्ट प्रसारित की।

​इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया:

  • अंदरूनी खुलासे: पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह सहित कई अन्य अंदरूनी सहयोगियों के बयान सामने आए, जिन्होंने प्रबंधकीय कमियों पर सवाल उठाए।
  • राजनीतिक घमासान: विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार और ट्रस्ट प्रबंधन को घेरना शुरू कर दिया।
  • SIT का गठन: बढ़ते विवाद को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
  • कार्रवाई और इस्तीफे: SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज (FIR) किया गया, जिसके तहत अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

​जांच की वर्तमान स्थिति

​फिलहाल यह पूरा मामला कानूनी और प्रशासनिक जांच के अधीन है:

  1. ट्रस्ट का रुख: शुरुआत में मंदिर ट्रस्ट ने किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज किया था।
  2. जांच का दायरा: SIT और जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage), गवाहों के बयानों और वित्तीय दस्तावेजों के फोरेंसिक ऑडिट के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
  3. निर्माण लागत में बढ़ोतरी: मंदिर निर्माण की लागत में 800 करोड़ (8 अरब) से बढ़कर 2200 करोड़ (22 अरब) रुपये होने के दावों की भी तकनीकी और वित्तीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

​डिजिटल मीडिया की बड़ी उपलब्धि

The Economist जैसे वैश्विक स्तर के मीडिया हाउस द्वारा भारत के एक छोटे और स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म की खबर को आधार बनाना मुख्यधारा की मीडिया व्यवस्था में डिजिटल पत्रकारों के प्रभाव को रेखांकित करता है।

​पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सोशल मीडिया पर The Economist के लेख का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए खुशी जताई कि एक छोटे से यूट्यूब चैनल द्वारा उठाई गई आवाज को लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में स्थान और मान्यता मिली है।

media4samachar
Author: media4samachar

Live Cricket

Daily Astrology