नोएडा। चैनल वन का मालिक रह चुका जहीर अहमद एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह पत्रकारिता नहीं बल्कि करोड़ों की ठगी है। नोएडा सेक्टर-6 की एक फैक्टरी को बेचने के नाम पर उसने और उसके साथियों ने फर्जी बैंक एनओसी बनवाकर दिल्ली निवासी अशोक कुमार से 9.44 करोड़ रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, जबकि जहीर अहमद समेत बाकी आरोपी अभी फरार हैं।
पहले भी कर चुका है ठगी
जहीर अहमद और उसका परिवार पहले भी कई बार ठगी के मामलों में विवादों में रह चुका है। बताया जाता है कि चैनल वन के ऑफिस के नाम पर उसने पहले भी लोगों से करोड़ों की ठगी की थी। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के साथ फोटो एडिट कर अपने फोटो लगाने और उन्हें दिखाकर भरोसा जीतने की कोशिश भी की गई थी। इसी मामले में उसका बेटा पहले जेल भी जा चुका है।
फर्जी दस्तावेजों से किया सौदा
ताज़ा मामले में जहीर अहमद ने कुछ प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर फैक्टरी बेचने की योजना बनाई। सौदा तय होने पर पीड़ित अशोक कुमार से 9.44 करोड़ रुपये ले लिए गए और बैंक की फर्जी एनओसी दिखाकर भरोसा दिलाया गया कि संपत्ति पर कोई लोन नहीं है। लेकिन जब बैंक से दस्तावेजों की पुष्टि कराई गई तो खुलासा हुआ कि फैक्टरी पर पहले से करोड़ों रुपये का कर्ज बकाया है और बैंक उसकी नीलामी की तैयारी कर रहा है।
साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई
नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस मामले में तेज़ी से कार्रवाई करते हुए जीशान अली नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी एनओसी और दस्तावेज तैयार किए और पीड़ित को धोखा दिया। उसने यह भी माना कि इस सौदे से उसे 50 लाख रुपये कमीशन के तौर पर मिले।
पत्रकारिता की आड़ में ठगी का खेल
यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता की साख पर भी सवाल खड़ा करता है। जिस जहीर अहमद ने कभी चैनल वन चलाया था, वह लगातार मीडिया की आड़ लेकर लोगों को गुमराह करता रहा। अब फिर एक बड़े घोटाले में उसका नाम सामने आया है, जिससे मीडिया जगत में भी चर्चा का माहौल है।





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