एंकर आंचल कादयान-Media4samachar
कैंसर यह शब्द किसी भी व्यक्ति के जीवन को अचानक बदल सकता है. जैसे ही किसी व्यक्ति को पता चलता है कि उसे कैंसर है, तभी उसके मन में डर, चिंता और मायूसी पल्लवित होने लगता है. ऐसा लगता है कि मानो अब जिंदगी में पहले जैसा कुछ भी नहीं रहेगा… ऐसा महसूस होना भी लाजमी है… क्योंकि कैंसर तेजी से बढ़ती जानलेवा बीमारी है. जो हर साल कई लोगों की जिंदगी छीन लेती है… महिला हो, पुरुष हो या फिर बच्चे हो हर कोई इसका शिकार पाए जाते है. पुरुषों में फेफड़ों और मुंह के कैंसर पाए जाते है. जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे है.इसके अलावा हाल ही के सालों में पाया गया है कि सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहा है. जिसको लेकर डॉक्टर सभी लोगों को सावधान करते हैं.

सर्वाइकल कैंसर की चपेट में महिलाएं
सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर, जो अब उम्रदराज महिलाओं के साथ-साथ कम उम्र की लड़कियां के साथ-साथ युवा महिलाओं को भी अपना शिकार बना रहा है. तो वही कहा जाता है कि सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण है, जो एक यौन संचारित वायरस है. इंडिया में हर वर्ष हजारों की संख्या में नई महिलाएं इस बीमारी का शिकार होती हैं. लेकिन परेशानी की बात ये है कि इन मामलों का पता देर से चलता है.

साल का पहला महीना यानी जनवरी, इसे सर्वाइकल कैंसर जागरूकता महीने के तौर पर भी मनाया जाता है. चलिए अब ये जानते है कि वो कौन सी गलतियां हैं जो कैंसर के खतरे को और भी बढ़ा रही हैं?
सर्वाइकल कैंसर के खतरे
स्वास्थ्य डॉक्टर कहते हैं कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसा कैंसर है जो आसानी से रोका जा सकता है, लेकिन ये कई वजहो से चुनौतीपूर्ण भी है।
सर्वाइकल कैंसर के शुरुआत में लक्षण काफी हल्के या फिर बिल्कुल नहीं होते, जिस कारण महिलाएं इसे इग्नोर कर देती हैं।
लेकिन कई केस में इसका पता तब चल पाता है जब कैंसर हद से ज्यादा बढ़ जाता है।
इन सभी से हट कर कुछ ऐसी गलतियां भी है जो जाने-अनजाने में करते हैं जिसकी वजह से भी सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
सर्वाइकल कैंसर में वो कौन सी गलतियां हैं जो भारी पड़ रही हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी उम्र में यौन सक्रिय हो जाना, असुरक्षित यौन संबंध, एक से ज्यादा पार्टनर, इम्यून सिस्टम कमजोर होना और HPV संक्रमण मुख्य कारण हैं।
धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भी सर्वाइकल कैंसर का खतरा मिलता है इसकी वजह है तंबाकू शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाता है।
शुरुआती लक्षण जैसे पीरियड्स का ज्यादा या अनियमित होने, वजन घटने, थकान और कमर दर्द आदि को अनदेखा करना नुकसादायक हो सकता है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव कैसे किया जा सकता है?
सबसे प्रभावी रास्ता HPV वैक्सीनेशन है।
9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए यह वैक्सीन सबसे ज्यादा कारगर मानी गई है.
डॉक्टर की सलाह से 26 साल तक की महिलाएं भी इसे लगवा सकती हैं.
21 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए, ताकि शुरुआती बदलावों का समय से पता लग जाए.
इसके अलावा संतुलित आहार, हरी सब्जियां, फल का सेवन करें.
धूम्रपान से दूरी और अच्छी इम्युनिटी भी सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है.





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