बांगरमऊ (उन्नाव): गंगा कटरी क्षेत्र में प्रतिवर्ष होने वाले भीषण कटान और किसानों के विस्थापन की समस्या को लेकर प्रमुख समाजसेवी संजीव त्रिवेदी (एडवोकेट) ने मोर्चा खोल दिया है। उनके आह्वान पर “बांगरमऊ गंगा कटरी बचाओ अभियान” अब एक शक्तिशाली जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इसी कड़ी में बुधवार को तटवर्ती गांव नया पुरवा में किसानों की एक विशाल बैठक आयोजित की गई।
संजीव त्रिवेदी ने उठाई मज़बूत आवाज़
बैठक को संबोधित करते हुए संजीव त्रिवेदी एडवोकेट ने कहा कि गंगा का कटान केवल मिट्टी का कटना नहीं, बल्कि हजारों किसानों के भविष्य का अंधकार में डूबना है। उन्होंने सरकार से मांग की कि:

- लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से ट्रांस गंगा सिटी कानपुर तक फोर लेन का मजबूत तटबंध तुरंत बनाया जाए।
- जो किसान अपनी कृषि भूमि खो चुके हैं, उन्हें सरकार अविलंब उचित मुआवजा दे।
- शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं, जो बाढ़ में ध्वस्त हो चुकी हैं, उन्हें बहाल किया जाए।
संत फलाहारी बाबा का मिला समर्थन
इस अभियान को आध्यात्मिक बल देते हुए प्रख्यात संत फलाहारी बाबा भी बैठक में शामिल हुए। उन्होंने संजीव त्रिवेदी के प्रयासों की सराहना करते हुए किसानों से कहा कि यह अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है और इसमें एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार है।
सैकड़ों किसानों ने भरी हुंकार
बैठक में नया पुरवा और आसपास के गांवों से आए सैकड़ों पीड़ित किसानों ने संजीव त्रिवेदी के नेतृत्व में अपनी पीड़ा साझा की। किसानों का कहना है कि हर साल सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन नदी में समा रही है, जिससे उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
बैठक में प्रमुख रूप से शामिल:
राधेलाल, रामसेवक निषाद, नन्हे लाल निषाद, शिव गोपाल, सरजू प्रसाद, शिव शंकर, प्रेम यादव सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण।
विशेष नोट: संजीव त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और सरकार ने मज़बूत तटबंध और मुआवजे की मांग पर जल्द विचार नहीं किया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।




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