लखनऊ/दिल्ली | 01 मार्च 2026
लखनऊ से संचालित ‘आज की खबर’ न्यूज चैनल के उत्तर प्रदेश ब्यूरो चीफ विवेक त्रिपाठी एक बड़े कानूनी भंवर में फंस गए हैं। न्यूज इंडिया चैनल के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा के कथित पासपोर्ट को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने और उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में उन्हें 10 करोड़ रुपये का लीगल नोटिस भेजा गया है।
प्रमुख बिंदु: पद की गरिमा और जिम्मेदारी का सवाल
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गोरांग गुप्ता द्वारा भेजे गए इस नोटिस में पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों और कानून के उल्लंघन का हवाला दिया गया है। नोटिस के मुख्य अंश इस प्रकार हैं:
- ब्यूरो चीफ पर गंभीर आरोप: एक जिम्मेदार चैनल के ब्यूरो हेड होने के नाते, तथ्यों की बिना जांच किए ‘मॉर्फ्ड’ (छेड़छाड़ किए हुए) और फर्जी दस्तावेजों को प्रसारित करना ‘प्रोफेशनल कदाचार’ की श्रेणी में रखा गया है।
- दस्तावेजों के साथ जालसाजी: नोटिस में दावा किया गया है कि विवेक त्रिपाठी ने अपने सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल से जो पासपोर्ट साझा किया, वह कूटरचित और फर्जी (Forged) है।
- गोपनीयता का हनन: एक नागरिक की निजी जानकारी (Passport Details) को सार्वजनिक करना IT एक्ट की धारा 72 और पासपोर्ट अधिनियम का सीधा उल्लंघन बताया गया है।
10 करोड़ का हर्जाना और आपराधिक कार्यवाही
नोटिस में साफ कहा गया है कि इस कृत्य से शैलेंद्र शर्मा की सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति हुई है। इसके लिए:
- 24 घंटे का समय: विवादित पोस्ट हटाने और सार्वजनिक माफी मांगने के लिए केवल एक दिन का समय दिया गया है।
- स्रोत का खुलासा: विवेक त्रिपाठी को यह स्पष्ट करना होगा कि उन्हें यह ‘फर्जी दस्तावेज’ किस माध्यम या व्यक्ति से प्राप्त हुआ।
- कानूनी धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 (मानहानि) और IT एक्ट के तहत पुलिस एवं साइबर सेल में FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
चैनल की साख पर भी उठे सवाल
चूँकि विवेक त्रिपाठी ‘आज की खबर’ के यूपी ब्यूरो का नेतृत्व कर रहे हैं, इस कानूनी नोटिस के बाद मीडिया जगत में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि यदि यह मामला अदालत तक पहुँचता है, तो यह केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि एक संस्थान की जवाबदेही का भी बड़ा उदाहरण बनेगा।




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