न्यूज़ एजेंसी यूएनआई में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसका खुलासा हाल ही में जबरन नौकरी से बाहर किए गये वीडियो एडिटर प्रभजोत ने किया है। इसके अलावा यूएनआई के नए मालिकान के दोस्त की बेटी का बिना किसी पद पर रहते हुए नित नए फरमान जारी करने से संस्थान का माहौल तनावपूर्ण बताया जा रहा है। पढ़िए प्रभजोत की आपबीती…
सेवा में,
संपादक जी महोदय
Media4samachar
विषय- न्यूज़ एजेंसी यूएनआई द्वारा कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने से पहले नौकरी से निकाले जाने के संबंध में।
सर, मैं प्रभजोत चौहान हूं। 12 जनवरी 2026 को बतौर सीनियर वीडियो एडिटर यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया ज्वाइन किया था। सबकुछ ठीकठाक चल रहा था। यूएनआई को द स्टेट्समैन ने टेकओवर कर लिया है। जिससे संबंधित खबरें आपके यहां भी पब्लिश हुई थीं।
वीडियो एडिटिंग से लेकर ग्राफिक इत्यादि को मेरे रहते ही बदला गया। सारा फार्मेट मैंने चेंज किया था। इसी दौरान कंपनी में मालिक के एक करीबी दोस्त की बेटी (हेमलता) की एंट्री होती है। जिन्होंने सबसे पहले मेरे हेड, जो एचओडी थे, उनकी जॉब खाई।
एक दिन हेमलता जी ने मुझे बाहर बुलाया और कहा कि- प्रभजोत आप अच्छा काम करते हैं। यहां के कुछ लोग मुझे ठीक नहीं लग रहे हैं। एक काम कीजिए की शिफ्ट बनाइये। हम अपनी टीम बनाएंगे। जिसका मैंने यह कहकर विरोध जताया कि मैं किसी पॉलिटिक्स का हिस्सा नहीं बनूंगा।
बस इसी बात को हेमलता जी ने अपनी प्रतिष्ठा पर ले लिया। इसके बाद मुझसे एक दिन कहा गया कि 27 फरवरी को आपका फुल एंड फाइनल हिसाब हो जाएगा। मैंने अचानक इस तरह निकाले जाने का कारण मैनेजमेंट से पूछा तो, मुझे बताया गया कि आपका काम उस तरह का नहीं है जितनी आपको सेलरी दी जा रही है।
इस सबके बीच सबसे कमाल की बात यह है कि संस्थान में किसी को यह तक नहीं पता कि हेमलता जी किस पद और हैसियत से वहां निर्णय ले रही हैं। जिनके ईगो के कारण मुझे नौकरी से निकलवाया गया। हेमलता जी ने कुछ अन्य लोगों को भी संस्थान से बाहर करवा दिया है, जिसे लेकर माहौल में तल्खी बनी रहती है।




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