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Zee Media: महज 10 शेयरों की खरीद-बिक्री पड़ गई भारी, कर्मचारी पर लगा 5000 का जुर्माना,जानें क्या है पूरा मामला

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नई दिल्ली: कॉर्पोरेट जगत में नियमों का पालन कितना अनिवार्य है, इसका एक ताजा उदाहरण ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (Zee Media Corporation Limited) में देखने को मिला है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि उनके एक कर्मचारी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ नियमों का उल्लंघन किया है।
​क्या है पूरा मामला?
​यह मामला ज़ी मीडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Indiadotcom Digital Private Limited के फाइनेंस विभाग में कार्यरत असिस्टेंट मैनेजर प्रेम प्रकाश से जुड़ा है। प्रेम प्रकाश कंपनी के ‘Designated Person’ की श्रेणी में आते हैं, जिन पर ट्रेडिंग को लेकर सख्त नियम लागू होते हैं।
​स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार:
​17 सितंबर 2025: प्रेम प्रकाश ने ज़ी मीडिया के 10 शेयर खरीदे।
​19 दिसंबर 2025: उन्होंने वही 10 शेयर बाजार में बेच दिए।

​क्यों हुई कार्रवाई?

​सेबी (SEBI) के नियमों के मुताबिक, किसी भी कंपनी के ‘Designated Person’ को शेयर खरीदने के 6 महीने के भीतर उन्हें बेचने की अनुमति नहीं होती। इसे तकनीकी भाषा में ‘कॉन्ट्रा ट्रेड’ (Contra Trade) कहा जाता है। चूंकि यह लेन-देन 6 महीने की अनिवार्य अवधि से पहले किया गया, इसलिए इसे कंपनी के कोड ऑफ कंडक्ट और सेबी के नियमों का उल्लंघन माना गया।
​दिलचस्प बात: इस सौदे में कर्मचारी को कोई मुनाफा नहीं हुआ था, बल्कि उसे नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बावजूद, नियमों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की गई।
​कंपनी ने लिया सख्त एक्शन
​ज़ी मीडिया की अनुशासन समिति (Disciplinary Committee) ने मामले की जांच के बाद निम्नलिखित कदम उठाए:
​जुर्माना: कर्मचारी पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
​चेतावनी: भविष्य के लिए कर्मचारी को एक औपचारिक चेतावनी पत्र (Warning Letter) जारी किया गया है।
​पेमेंट: जुर्माने की राशि 4 फरवरी 2026 को सेबी के ‘इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड’ (IEPF) में जमा करा दी गई है।
​जांच में क्या निकला?
​कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह कर्मचारी की पहली गलती थी। जांच में यह भी पाया गया कि कर्मचारी के पास कोई UPSI (Unpublished Price Sensitive Information) यानी ऐसी कोई गुप्त जानकारी नहीं थी जिसका फायदा उठाकर उसने यह ट्रेड किया हो।
​निष्कर्ष:
यह घटना शेयर बाजार में निवेश करने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सीख है कि नियमों के दायरे में रहकर ही ट्रेडिंग करना अनिवार्य है, चाहे शेयरों की संख्या कितनी भी कम क्यों न हो।

 

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Author: media4samachar

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