संबंधित पक्ष के कर्ज़ के लिए कंपनी की संपत्ति का गलत इस्तेमाल करने पर SEBI ने ठोका 1.48 करोड़ रुपये का जुर्माना
नई दिल्ली, 03 अगस्त:
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी को दो महीने के लिए प्रतिभूति बाजार (Securities Market) तक पहुँचने से रोक दिया है। इसके साथ ही SEBI ने एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और ज़ी के एमडी एवं सीईओ पुनीत गोयनका पर 12-12 महीने का प्रतिबंध लगाया है।
SEBI द्वारा 31 जुलाई को जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
1.48 करोड़ रुपये का कुल जुर्माना
SEBI ने नियमों के उल्लंघन और धोखाधड़ीपूर्ण आचरण के चलते कुल 1.48 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड लगाया है:
- सुभाष चंद्रा: ₹60 लाख
- पुनीत गोयनका: ₹58 लाख
- ज़ी एंटरटेनमेंट (ZEEL): ₹30 लाख
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई हैदराबाद के जुबली हिल्स में स्थित ज़ी एंटरटेनमेंट की 17,639.64 वर्गमीटर जमीन से जुड़ी है।
SEBI की जांच के मुख्य बिंदु:
- दिसंबर 2018: इस संपत्ति के मूल दस्तावेज इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के पास एस्सेल समूह की चार कंपनियों द्वारा लिए गए ऋण की सुरक्षा (गारंटी) के तौर पर गिरवी रखे गए थे।
- गलत उपयोग: ज़ी एंटरटेनमेंट न तो उस ऋण की उधारकर्ता (Borrower) थी और न ही उसे लोन का कोई पैसा मिला था। इसके बावजूद कंपनी की मूल्यवान संपत्ति को प्रमोटर समूह के निजी कर्ज़ के लिए इस्तेमाल किया गया।
SEBI की जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
SEBI ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि यह सूचीबद्ध (Listed) कंपनी की संपत्ति का उपयोग प्रमोटर समूह के हितों के लिए किया गया एक धोखाधड़ीपूर्ण (Fraudulent) आचरण है। जांच में निम्नलिखित गड़बड़ियां पाई गईं:
- मंजूरी का अभाव: इस लेन-देन को ज़ी की ऑडिट कमेटी से मंजूरी नहीं दिलाई गई।
- पारदर्शिता की कमी: इसे ‘रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन’ (RPT) के रूप में सही ढंग से डिस्क्लोज नहीं किया गया।
- वित्तीय विवरण छुपाना: वित्तीय विवरणों में संभावित देनदारियों (Contingent Liabilities) की पूरी जानकारी नहीं दी गई।
- सूचना छुपाना: संपत्ति से जुड़े अदालती मामलों, नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग और टाइटल्स जारी होने जैसी महत्वपूर्ण जानकारी निवेशकों से समय पर साझा नहीं की गई।
ज़ी एंटरटेनमेंट का पक्ष: कानूनी चुनौती की तैयारी
SEBI के इस आदेश पर ज़ी एंटरटेनमेंट ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है और इस आदेश को कानूनी रूप से चुनौती देगी। कंपनी का दावा है कि वह सभी हितधारकों और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
फंड जुटाने पर नहीं पड़ेगा असर
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि SEBI के इस प्रतिबंध का उसके 3,143.5 करोड़ रुपये के फंड जुटाने (Fundraise) के प्लान पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद यह प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रहेगी।
शेयरधारकों ने फंड रेज को दी मंजूरी
31 जुलाई को आयोजित असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों ने प्रमोटर समूह की कंपनी सनब्राइट मॉरीशस इन्वेस्टमेंट्स को 126 रुपये प्रति वारंट की दर से 24.94 करोड़ पूर्ण परिवर्तनीय वारंट (Fully Convertible Warrants) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
हिस्सेदारी में बड़ा उछाल:
इन वारंट्स के पूरी तरह से इक्विटी शेयरों में बदलने के बाद, ज़ी में प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 3.99% से बढ़कर 23.79% हो जाएगी।
कहाँ खर्च होगी जुटाई गई पूंजी?
ज़ी एंटरटेनमेंट ने इस 3,143.5 करोड़ रुपये की पूंजी को भविष्य की योजनाओं में लगाने का खाका तैयार किया है:
|
क्षेत्र / मद |
आवंटित राशि |
|---|---|
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खेल प्रसारण अधिकार एवं इंफ्रास्ट्रक्चर |
₹1,000 करोड़ |
|
संभावित अधिग्रहण (Acquisitions) |
₹944 करोड़ |
|
कंटेंट, टेक्नोलॉजी, डिजिटल और AI पहल |
₹450 करोड़ |
|
माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म ‘Bullet’ |
₹450 करोड़ |
|
बच्चों के कंटेंट और एनीमेशन |
₹300 करोड़ |





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