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News 18 यूपी-उत्तराखंड: पहाड़ से मैदान तक खाली पड़े स्टेशन,पुरानी खबरों के सहारे ब्यूरो

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​नेटवर्क 18 समूह के प्रमुख क्षेत्रीय समाचार चैनल News 18 यूपी-उत्तराखंड में संपादकीय और रिपोर्टिंग टीम के भीतर गहराता असंतोष अब सतह पर आ गया है। पिछले कुछ महीनों में चैनल के कई पुराने और अनुभवी पत्रकारों ने एक-एक कर इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्टरों के लगातार बाहर जाने से पहाड़ (उत्तराखंड) से लेकर मैदान (उत्तर प्रदेश) तक कई महत्वपूर्ण जिलों और स्टेशनों पर चैनल का काम पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।

हालिया इस्तीफों से खाली हुए स्टेशन

​खबरों के मुताबिक, उत्तराखंड के प्रमुख जिलों से लगातार वरिष्ठ रिपोर्टर चैनल को अलविदा कह रहे हैं:

  • हरिद्वार और रुड़की: हरिद्वार के रिपोर्टर पुलकित शुक्ला और रुड़की के रिपोर्टर मनोज जुयाल ने एक साथ चैनल छोड़कर दूरदर्शन (DD न्यूज़) में अपनी नई पारी शुरू की है।
  • नैनीताल और रामनगर: नैनीताल से वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र बिष्ट और रामनगर से गोविंद पाटनी ने News 18 से इस्तीफा देकर तेजी से उभर रहे डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का रुख किया है।
  • देहरादून ब्यूरो: राजधानी देहरादून में ब्यूरो रिपोर्टर के रूप में कार्यरत रहे दीपांकर भट्ट भी इसी साल की शुरुआत में चैनल से अपनी राहें अलग कर चुके हैं।

इस्तीफों के पीछे की वजह: वेतन और मेहनताने में कटौती

​आंतरिक सूत्रों के अनुसार, पत्रकारों के चैनल छोड़ने की मुख्य वजह पिछले लगभग 1 साल से कंपनी की आंतरिक नीतियों में किया गया बदलाव है। लंबे समय से जो रिपोर्टर अपनी सेवाएं दे रहे थे, उनके वेतन और काम के बदले मिलने वाले मेहनताने में भारी कटौती की गई है। वित्तीय मोर्चे पर हुए इस नुकसान के चलते रिपोर्टरों में निराशा बढ़ी और उन्होंने बेहतर अवसरों की ओर रुख करना शुरू कर दिया।

कंटेंट की गुणवत्ता पर सीधा असर

​रिपोर्टरों के अभाव में चैनल के कई स्टेशन इस वक्त पूरी तरह खाली पड़े हुए हैं। स्थितियां इतनी चुनौतीपूर्ण हो गई हैं कि ब्यूरो को अन्य स्रोतों से मांग-तांग कर या पुरानी खबरों के सहारे बुलेटिन चलाने पड़ रहे हैं।

​इसके अलावा, वित्तीय दबाव और आंतरिक संकट के चलते चैनल फिलहाल सभी खाली पड़े पदों पर नई नियुक्तियां करने की स्थिति में भी नहीं दिख रहा है। आंतरिक सूत्रों का यह भी दावा है कि जो पुराने रिपोर्टर अभी चैनल में बचे हुए हैं, वे भी सक्रियता से नए और बेहतर विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। ग्राउंड नेटवर्क के कमजोर होने और नई भर्तियों पर ब्रेक लगने के कारण चैनल के कंटेंट की गुणवत्ता में भी भारी गिरावट देखी जा रही है।

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Author: media4samachar

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