सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के 2026-27 कार्यकाल के लिए हुए चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार राय को अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित किया गया है। 18 अगस्त 2026, मंगलवार को हुए मतदान के बाद यह परिणाम घोषित किया गया।
प्रदीप राय ने कुछ हफ्ते पहले ही LinkedIn पर चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए बार के सदस्यों से समर्थन मांगा था। उनकी जीत को बार में “समग्र बदलाव” की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदीप राय: अनुभव और परिचय
सीनियर एडवोकेट प्रदीप राय पिछले 27 वर्षों से अधिक समय से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। वह संवैधानिक कानून, आपराधिक मामलों और सिविल विवादों में अपनी पैरवी के लिए जाने जाते हैं।
SCBA में यह उनका पहला कार्यकाल नहीं है। इससे पहले वह:
– 2 बार SCBA के उपाध्यक्ष रह चुके हैं
– 1 बार सीनियर एग्जीक्यूटिव मेंबर के पद पर रहे
– 2023-24 में SCBA के वाइस प्रेसिडेंट* की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं
बार के अलावा वह Indian Society of International Law के वाइस प्रेसिडेंट और India Legal Aid Centre के चेयरमैन भी हैं। कानूनी सहायता और प्रो-बोनो कामों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
चुनाव का महत्व
SCBA देश की सर्वोच्च अदालत में प्रैक्टिस करने वाले 17,000 से अधिक वकीलों का प्रतिनिधि निकाय है। SCBA का अध्यक्ष बार और बेंच के बीच संवाद स्थापित करने, वकीलों के अधिकारों की रक्षा करने और न्यायिक सुधारों में अहम भूमिका निभाता है।
पिछले कार्यकालों में इस पद पर कपिल सिब्बल और आदिश अग्रवाल जैसे वरिष्ठ अधिवक्ता रह चुके हैं।
प्रदीप राय का 6-सूत्रीय एजेंडा
चुनाव प्रचार के दौरान प्रदीप राय ने बार के विकास के लिए 6 मुख्य बिंदुओं पर काम करने का वादा किया था:
1. देश भर में सुप्रीम कोर्ट की रीजनल बेंच
उन्होंने मांग की कि दिल्ली के अलावा मुंबई, चेन्नई, कोलकाता जैसी जगहों पर सुप्रीम कोर्ट की क्षेत्रीय बेंच स्थापित की जाएं। इससे दूरदराज के लोगों को न्याय के लिए दिल्ली आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
2. लॉ क्लर्क भर्ती में पारदर्शिता
सुप्रीम कोर्ट में लॉ क्लर्क की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने पर जोर।
3. AoR परीक्षा में सुधार
जिला अदालतों और हाईकोर्ट के वकीलों के लिए Advocate-on-Record की परीक्षा को अधिक सुलभ बनाना, ताकि अधिक वकीलों को सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस का अवसर मिल सके।
4. न्यायाधीशों की नियुक्ति में पारदर्शिता
कोलेजियम सिस्टम में जवाबदेही बढ़ाकर न्यायपालिका में जनता का विश्वास मजबूत करना।
5. वकीलों का कल्याण और पेशेवर प्रशिक्षण
युवा वकीलों के लिए स्किल डेवलपमेंट, मेंटरशिप प्रोग्राम, हेल्थ इंश्योरेंस, पेंशन और वित्तीय सहायता योजनाएं शुरू करना।
6. लीगल एड सिस्टम को मजबूत करना
गरीब और जरूरतमंद लोगों को सुप्रीम कोर्ट स्तर पर मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण कानूनी सहायता उपलब्ध कराना।
बार की उम्मीदें और चुनौतियां
कानूनी बिरादरी को उम्मीद है कि प्रदीप राय के नेतृत्व में SCBA वकीलों के हितों की रक्षा के साथ-साथ न्यायिक सुधारों के लिए भी आवाज उठाएगा।
उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने एजेंडे को लागू करने के लिए सरकार और सुप्रीम कोर्ट प्रशासन के साथ समन्वय बनाना होगी। खासकर रीजनल बेंच और लीगल एड जैसे मुद्दे नीतिगत फैसलों से जुड़े हैं।
निष्कर्ष
प्रदीप राय का चुनाव SCBA के लिए एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। बार को उम्मीद है कि उनके अनुभव और जमीनी समझ से वकीलों की समस्याओं का समाधान होगा और न्याय व्यवस्था और अधिक सुलभ बनेगी।
Media4samachar की तरफ से एड.प्रदीप राय जी को बहुत बहुत बधाई ढेरों शुभकामनाएं





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