भोपाल। मध्यप्रदेश में सामने आए सहारा ज़मीन घोटाले की जांच तेज़ हो गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जल्द ही सहारा ग्रुप से जुड़े ओपी श्रीवास्तव को पूछताछ के लिए भोपाल बुला सकता है। जुलाई में सीमांतों राय, ओपी श्रीवास्तव और जेवी राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने प्रदेश के कई ज़िलों में सरकारी मूल्य से बहुत कम दाम पर ज़मीन की खरीद–फरोख्त कर भारी अनियमितताएँ कीं। EOW को संदेह है कि जानबूझकर सर्किल दर से कम कीमत दिखाकर ज़मीनें बेची गईं, जिससे सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ।
जांच में सामने आया है कि भोपाल, सागर, कटनी, जबलपुर और खंडवा जैसे ज़िलों में औसतन 99 प्रतिशत कम दर पर ज़मीनों की बिक्री दिखाई गई। अनुमान है कि करीब 400 एकड़ भूमि की संदिग्ध खरीद-फरोख्त हुई।
घोटाले के दो प्रमुख तरीके सामने आए:
ज़मीन की कीमत वास्तविक बाज़ार मूल्य से अत्यधिक कम दर्ज कर दी गई। जमीन की श्रेणी बदलकर रेट घटाए गए, ताकि कम कीमत में सौदा दिखाया जा सके।
EOW अब पूरे मामले में शामिल अधिकारियों, मध्यस्थों और सहारा समूह के संबंधित पदाधिकारियों से पूछताछ की तैयारी में है। जल्द ही ओपी श्रीवास्तव सहित अन्य आरोपियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज किए जा सकते हैं।
इस घोटाले में आगे की कार्रवाई प्रदेश में कई बड़े नामों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।




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