
उत्तर प्रदेश के न्यायिक परिसरों में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 18 जिला अदालतों को एक साथ बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस सूचना के बाद राजधानी लखनऊ से लेकर अयोध्या और वाराणसी तक का प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट मोड पर आ गया है और सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है।
सोमवार, 16 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के 18 जिलों की जिला अदालतों को ईमेल के जरिए एक खौफनाक संदेश मिला, जिसमें कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। जिन जिलों की अदालतों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है, उनमें लखनऊ, मेरठ, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़ और अमरोहा जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड मुस्तैद
धमकी मिलने की सूचना मिलते ही संबंधित जिला अदालतों के परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए मौके पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को तैनात किया गया है। कोर्ट में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी तलाशी ली जा रही है और पार्किंग एरिया से लेकर कॉमन हॉल तक की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
दो दिन पहले भी मिली थी धमकी: जांच के घेरे में साजिश
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि ठीक दो दिन पहले भी उत्तर प्रदेश की अदालतों को इसी तरह की धमकी दी गई थी। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इन दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध है। सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें और कोर्ट की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।
साइबर सेल की कार्रवाई: ईमेल भेजने वाले की तलाश
धमकी भरा ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस और साइबर सेल की टीमें जांच में जुट गई हैं। ईमेल भेजने वाले की पहचान सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी एक्सपर्ट्स आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रहे
पुलिस का कहना है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, अदालतों में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है, और वकीलों व वादकारियों को शांति बनाए रखने की अपील की गई है। इस घटना ने एक बार फिर न्यायिक परिसरों की सुरक्षा और बढ़ते साइबर खतरों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।




Users Today : 8
Users Yesterday : 234