नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने रिपब्लिक(Republic TV) के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने चैनल पर “झूठी और भ्रामक” रिपोर्टिंग के जरिए छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है।
विवाद की जड़: ‘इस्तांबुल कांग्रेस सेंटर’ बना ‘कांग्रेस दफ्तर’
यह पूरा विवाद 2025 में प्रसारित एक टीवी शो के इर्द-गिर्द घूमता है। शो के दौरान अर्नब गोस्वामी ने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी का तुर्की में एक गुप्त कार्यालय है। सबूत के तौर पर एक भव्य इमारत की तस्वीर दिखाई गई थी।
हालांकि, बाद में तथ्यों की जांच (Fact-Check) में यह खुलासा हुआ कि:
- जिस इमारत को ‘कांग्रेस का दफ्तर’ बताया गया, वह दरअसल ‘Istanbul Congress Centre’ है।
- तुर्की में ‘Congress’ शब्द का उपयोग ‘सम्मेलन’ या ‘कन्वेंशन’ के लिए किया जाता है।
- वह एक सार्वजनिक कन्वेंशन सेंटर है, न कि किसी भारतीय राजनीतिक दल का कार्यालय।
कांग्रेस के गंभीर आरोप
दिल्ली हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कांग्रेस ने निम्नलिखित तर्क दिए हैं:
- फेक नैरेटिव: पार्टी का दावा है कि यह महज एक गलती नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी।
- जनता को गुमराह करना: गलत जानकारी देकर जनता के मन में पार्टी के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश की गई।
- साख को नुकसान: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की छवि को धूमिल किया गया।
रिपब्लिक टीवी का पक्ष
विवाद बढ़ने पर रिपब्लिक टीवी ने इसे एक “एडिटोरियल गलती” (Editorial error) करार दिया। चैनल का तर्क है कि यह सूचना के विश्लेषण में हुई एक मानवीय चूक थी और इसके पीछे कोई दुर्भावना नहीं थी।
कोर्ट में आज की स्थिति
मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की बेंच कर रही है। आज की सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कोर्ट यह तय कर सकता है कि क्या चैनल को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी या मामले को आगे के ट्रायल के लिए भेजा जाएगा।





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