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जागरण प्रकाशन में बड़ा बदलाव: 29 मई को EGM,7 स्वतंत्र निदेशकों सहित 8 टॉप अधिकारियों को हटाने की तैयारी

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नई दिल्ली/कानपुर: देश के प्रमुख मीडिया समूहों में से एक, जागरण प्रकाशन लिमिटेड (JPL) में चल रहा आंतरिक विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। कंपनी ने आगामी 29 मई 2026 को शेयरधारकों की एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाने का फैसला किया है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा कंपनी के बोर्ड में शामिल 7 स्वतंत्र निदेशकों और एक होल-टाइम डायरेक्टर को पद से हटाना है।

NCLT के आदेश के बाद बढ़ी हलचल

​यह कदम नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा हाल ही में दिए गए आदेश के बाद उठाया गया है। इससे पहले, इस प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगी हुई थी। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 2 मई 2026 को सर्कुलर रेजोल्यूशन के माध्यम से EGM बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। कंपनी का कहना है कि वे कानूनी सलाह और नियमों के तहत इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।

किन पर गिरेगी गाज?

​प्रस्ताव के अनुसार, जिन निदेशकों को हटाने पर विचार किया जाएगा, उनमें कॉर्पोरेट जगत के कई बड़े नाम शामिल हैं। हटाए जाने वाले स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की सूची इस प्रकार है:

  1. ​दिव्या करणी
  2. ​शैलेन्द्र स्वरूप
  3. ​अनीता नय्यर
  4. ​केमिशा सोनी
  5. ​प्रमोद अग्रवाल
  6. ​शालीन टंडन
  7. ​अरुण अनंत

​इनके अलावा, कंपनी के होल-टाइम डायरेक्टर सतीश चंद्र मिश्रा को भी पद से हटाने का प्रस्ताव शेयरधारकों के समक्ष रखा जाएगा।

क्यों बुलाई गई यह बैठक?

​दरअसल, यह पूरी कवायद जागरण मीडिया नेटवर्क इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (JMNIPL) की मांग (Requisition) पर की जा रही है। JMNIPL ने ‘स्पेशल नोटिस’ के जरिए इन निदेशकों को हटाने की मांग की थी। हालांकि, कंपनी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नोटिस में लगाए गए आरोपों या उसके कंटेंट की जिम्मेदारी बोर्ड की नहीं है, बल्कि वे केवल कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधानों का पालन करते हुए शेयरधारकों को निर्णय लेने का अवसर दे रहे हैं।

वर्चुअल माध्यम से होगी वोटिंग

  • तारीख और समय: 29 मई 2026, दोपहर 12:30 बजे।
  • माध्यम: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम।
  • प्रक्रिया: बैठक का विस्तृत नोटिस जल्द ही शेयरधारकों को भेजा जाएगा, जिसमें वोटिंग की प्रक्रिया और निदेशकों को हटाने के कारणों का विवरण होगा।

बाजार और निवेशकों पर नजर

​एक साथ इतने बड़े स्तर पर बोर्ड के पुनर्गठन के प्रस्ताव ने बाजार विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। स्वतंत्र निदेशकों का सामूहिक निष्कासन कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज से एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सबकी नजरें 29 मई के नतीजों पर टिकी हैं, जो जागरण प्रकाशन के भविष्य की नई दिशा तय करेंगे।

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Author: media4samachar

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