राष्ट्रीय न्यूज चैनल ‘भारत एक्सप्रेस’ (Bharat Express) इन दिनों अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। चैनल के भीतर मचे आंतरिक घमासान और अस्थिरता की खबरें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। ताजा घटनाक्रम में चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिहिर रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब महज कुछ ही दिन पहले चैनल के ग्रुप सीईओ (Group CEO) वरुण कोहली ने भी संस्थान को टाटा-बाय-बाय कह दिया था। एक के बाद एक दो सबसे बड़े कर्णधारों के जाने से चैनल के भविष्य पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
कप्तानों ने ही छोड़ा डूबता जहाज! आउटपुट और स्ट्रेटेजी पूरी तरह ध्वस्त
मिहिर रंजन ‘भारत एक्सप्रेस’ के संपादकीय इंजन के मुख्य ड्राइवर थे। चैनल की पूरी एडिटोरियल स्ट्रेटेजी और आउटपुट संचालन का जिम्मा उन्हीं के पास था। मीडिया गलियारों में चर्चा है कि चैनल के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। वरुण कोहली के जाने के ठीक बाद मिहिर रंजन का इस्तीफा यह साफ संकेत देता है कि संस्थान के भीतर या तो मैनेजमेंट के साथ गंभीर मतभेद चल रहे हैं, या फिर चैनल अपनी दिशा खो चुका है। दो शीर्ष अधिकारियों के इस तरह अचानक चले जाने से चैनल का आउटपुट ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।
दो दशक का अनुभव भी नहीं आ पाया काम, अंदरूनी खींचतान की चर्चा तेज
मिहिर रंजन जैसे कद्दावर पत्रकार, जिनके पास एबीपी न्यूज (एसोसिएट वाइस प्रेजिडेंट और आउटपुट हेड), टीवी टुडे नेटवर्क (13-14 साल का अनुभव) और रिपब्लिक भारत जैसे बड़े ब्रांड्स में काम करने का दो दशकों से ज्यादा का अनुभव है, उनका इतनी जल्दी चैनल से मोहभंग होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
सूत्रों की मानें तो ‘भारत एक्सप्रेस’ में प्रोफेशनलिज्म की कमी, टीआरपी की रेस में लगातार पिछड़ना और आंतरिक गुटबाजी के चलते स्थितियां बदतर होती जा रही थीं। स्टाफ के वेतन में कई महीनों की देरी से मिलना
यही वजह रही कि IIMC के पूर्व छात्र और IIM इंदौर से डिजिटल मीडिया कोर्स करने वाले मिहिर रंजन जैसे दूरदर्शी संपादक ने भी यहाँ रहने के बजाय इस्तीफा देना ही बेहतर समझा।
’भारत एक्सप्रेस’ की साख पर बड़ा संकट
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का विश्लेषण:
किसी भी नए न्यूज चैनल की रीढ़ उसकी कोर लीडरशिप होती है। ‘भारत एक्सप्रेस’ ने बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश तो की, लेकिन एक ही हफ्ते के भीतर बिजनेस हेड (सीईओ) और एडिटोरियल हेड (मैनेजिंग एडिटर) दोनों का छोड़कर चले जाना यह साबित करता है कि चैनल के भीतर का वर्क कल्चर और मैनेजमेंट का रवैया बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।
चैनल से लगातार हो रहे इस बड़े पलायन (Brain Drain) ने मीडिया कर्मियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। अब सवाल यह उठता है कि क्या ‘भारत एक्सप्रेस’ इस भारी नुकसान से उबर पाएगा, या फिर यह चैनल भी मीडिया इंडस्ट्री के इतिहास में एक और फ्लॉप प्रयोग बनकर रह जाएगा? फिलहाल, इन दो बड़े झटकों के बाद चैनल प्रबंधन पूरी तरह बैकफुट पर है।



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