नई दिल्ली: ज़ी समूह में एक बार फिर बड़े स्तर पर संपादकीय फेरबदल देखने को मिला है। इस बदलाव के बाद समूह के अलग-अलग चैनलों और ब्यूरो में चर्चा शुरू हो गई है और कई कर्मचारियों में चिंता भी देखी जा रही है।
मीडिया गलियारों में मिली जानकारी के अनुसार ज़ी ग्रुप के क्षेत्रीय चैनलों की कमान संभालने के बाद टीम को मजबूत करने के लिए लगातार फेरबदल किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ‘ज़ी संगम’ की कमान असित कुणाल को सौंपे जाने के बाद अब ‘ज़ी एमपी’ को भी नया रेजिडेंट एडिटर मिला है। वरिष्ठ पत्रकार अश्वनी मिश्रा ने ‘ज़ी एमपी’ को बतौर रेजिडेंट एडिटर ज्वाइन किया है। 83f6
अश्वनी मिश्रा इससे पहले ईटीवी में एडिटर के पद पर थे और भोपाल के जाने-माने पत्रकारों में उनकी गिनती होती है। बताया जा रहा है कि जगदीश चंद्र ने अश्वनी मिश्रा पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ ही ईटीवी में रहे अखिलेश सोलंकी ने भी ‘ज़ी एमपी’ में प्रिंसिपल करेस्पोंडेंट के तौर पर ज्वाइन किया है। 83f6
सूत्रों का कहना है कि अश्वनी मिश्रा के आने के बाद ‘ज़ी एमपी’ के अलग-अलग ब्यूरो में और भी नियुक्तियां हो सकती हैं। माना जा रहा है कि नई टीम के साथ ज़ी एमपी को नए आयाम पर ले जाने की तैयारी है। अभी तक एमपी में ‘ज़ी’ नंबर वन चैनल बना हुआ है। 83f6
इस फेरबदल को ज़ी समूह के बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा माना जा रहा है। हाल ही में ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ के नए CEO के तौर पर रक्तिम दास की नियुक्ति की खबर भी सामने आई थी। रक्तिम दास टीवी9 नेटवर्क में चीफ ग्रोथ ऑफिसर रह चुके हैं और पहले भी ज़ी समूह के साथ काम कर चुके हैं। 4a62
लगातार हो रहे इन बदलावों के कारण ज़ी के अंदरूनी सूत्रों में इस बात को लेकर चर्चा है कि आगे और कौन-कौन से पदों पर बदलाव होंगे। कई कर्मचारियों का मानना है कि नई लीडरशिप के साथ कंटेंट और ग्रोथ स्ट्रैटेजी में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल समूह की ओर से इस फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इतना तय है कि ज़ी समूह अपनी क्षेत्रीय पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
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