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“FM न्यूज़ चैनल का ‘फ्लॉप शो’: बड़े वादों के बीच आर्थिक संकट में चैनल,महीनों से रुका पत्रकारों का वेतन”

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नोएडा। दिल्ली से सटे नोएडा के ‘मीडिया हब’ से एक बार फिर पत्रकारिता जगत को शर्मसार करने वाली खबर सामने आ रही है। बड़े ताम-झाम और ऊंचे वादों के साथ शुरू हुए FM न्यूज चैनल में कार्यरत कर्मचारी इन दिनों दाने-दाने को मोहताज हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, संस्थान में कार्यरत पत्रकारों और तकनीकी टीम को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया है,इस चैनल को शुरू करने वाले एडिटर इन चीफ सतेंद्र भाटी हमेशा इन सवालों से बचते नजर आते हैं

महिला पत्रकार ने बयां किया दर्द

चैनल की एक पीड़ित महिला पत्रकार ने संस्थान की अंदरूनी स्थिति की पोल खोलते हुए बताया कि प्रबंधन ने भर्ती के समय बड़े-बड़े सपने दिखाए थे। लेकिन अब हकीकत यह है कि कई महीनों का वेतन बकाया है। महिला पत्रकार के अनुसार, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रबंधन की ओर से केवल खोखले आश्वासन ही मिल रहे हैं।
​चैनल में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों का भी कहना है कि घर का किराया, बच्चों की स्कूल फीस और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना अब उनके लिए नामुमकिन होता जा रहा है।

​मैनेजमेंट की चुप्पी और शोषण के आरोप

​संस्थान के भीतर स्थिति इतनी खराब है कि वेतन मांगने पर कर्मचारियों को डराया-धमकाया जाता है या उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। पत्रकारों का आरोप है कि चैनल का मैनेजमेंट लग्जरी लाइफस्टाइल जी रहा है, लेकिन जिन कर्मचारियों की मेहनत से चैनल चलता है, उनके पास बुनियादी जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं हैं।

​क्या कहते हैं कानूनी नियम ?

​Media4samachar से जुड़े लीगल विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सीधे तौर पर ‘वर्किंग जर्नलिस्ट्स एक्ट’ और श्रम कानूनों का उल्लंघन है। किसी भी संस्थान में काम कराकर वेतन न देना न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनी रूप से भी अपराध है। नोएडा के लेबर कोर्ट और श्रम विभाग में इस तरह के मामलों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें अब FM न्यूज का नाम भी जुड़ता नजर आ रहा है।

​”पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन जब इसी स्तंभ की नींव रखने वाले कर्मचारी भूखे पेट काम करने को मजबूर हों, तो सवाल पूरी व्यवस्था पर उठता है।”

आगे क्या ?

​पीड़ित पत्रकारों ने अब इस मामले को सोशल मीडिया और श्रम विभाग तक ले जाने का मन बना लिया है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही कर्मचारी सामूहिक रूप से नोएडा के लेबर ऑफिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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Author: media4samachar

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