सोशल मीडिया पर मेनस्ट्रीम मीडिया से संबन्धित इस वक्त की सबसे अनूठी पोस्ट के बारे में आपको बताने जा रहा हूं। इस पोस्ट का शीर्षक है “हिन्दी ख़बर की भगोड़ी एंकर”। ये पोस्ट वाकई चौंकाने वाली तो है मगर सुखद भी है।
दरअसल, “हिन्दी ख़बर” चैनल ने अपनी एक एंकर को “भगोड़ी एंकर” कह कर संबोधित किया है। इन मोहतरमा का नाम है रितु भंडारी। मिली जानकारी के अनुसार एम्प्लॉई कोड E0695 है। इन्होने 12 मार्च 2024 को चैनल ज्वॉइन किया था। दिल्ली में कहीं दूर से आना-जाना करती थीं तो मनमुताबिक सुबह की शिफ्ट में आना पसन्द करती थीं। डिबेट शो, स्पेशल इन्टरव्यू शो, स्पॉन्सर्ड शो, आऊटडोर एंकरिंग समेत रेग्युलर न्यूज़ बुलेटिन को एंकर करने के मौके इन्हे दिये जाते थे। बढ़िया हाईटेक प्रोमो भी चलवाए जाते थे। जब चाहे तब छुट्टी भी ले लिया करती थीं। कुल मिलाकर मौज से नौकरी कर रही थीं। “हिन्दी ख़बर” के पहले जनतन्त्र टीवी, नेटवर्क 10, टीवी 100, DNN न्यूज़ और डिजी न्यूज़ जैसे चैनलों में काम कर चुकी थीं।
मीडिया के ज्यादातर लोगों को मालूम है कि “हिन्दी ख़बर” में महीने के आखिरी दिन सैलरी आ जाया करती है। मगर मई महीने के आखिरी दिन यानि 31 मई को रविवार था। इसीलिए शनिवार 30 मई को ही सभी लोगों की सैलरी रिलीज़ करवा दी गई थी। बस… इधर सैलरी बैंक खाते में आई और उधर रात को मैडम भंडारी ने चैट GPT से लिखवाया हुआ इस्तीफा ई-मेल कर दिया। इसके बाद गुपचुप तरीके से सभी WhatsApp और Telegram ग्रुपों को भी छोड़ दिया। जबकि 31 मई, रविवार सुबह 7 बजे के बुलेटिन को एंकर करने की उनकी बाकायदा शिफ्ट लगी हुई थी, लेकिन मैडम नहीं आईं। कोई अनहोनी कारित होने की आशंका के चलते, जब सहयोगी एंकरों, प्रोड्यूसरों और HR मैनेजर ने रितु भंडारी जी से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होने किसी का भी फोन नहीं पिक किया। सोमवार, 1 जून को रितु भंडारी जी को “हिन्दी ख़बर” के करीब ही खुले चैनल “भारत अपडेट” में देखा गया।
इस धोखाधड़ी, पूर्व निर्धारित एवं हस्ताक्षरित सेवा शर्तों का उल्लंघन, नोटिस पीरियड पूरा किए बिना अन्य संस्थान ज्वॉइन किए जाने की गैर-कानूनी घटना से हतप्रभ “हिन्दी ख़बर” मैनेजमेन्ट ने रितु भंडारी को पक्का सबक सिखाने का मन बना लिया है।
एंकर रितु भंडारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू करने के साथ ही साथ, “हिन्दी ख़बर” के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लिखा गया है कि रितु भंडारी ने शरारतपूर्ण, षडयन्त्रकारी, गुप्त मंशा और किसी व्यक्ति अथवा संस्थान के उकसाने पर ऐसी करतूत कारित की है ताकि “हिन्दी ख़बर” चैनल का नुकसान किया जा सके। आगे लिखा गया है कि सोशल मीडिया में ये सूचना इसीलिए प्रकाशित की जा रही है ताकि सभी न्यूज़ चैनलों और मीडिया संस्थानों तक ये जानकारी पहुंच सके और किसी संस्थान अथवा चैनल के साथ पुन: ऐसी धोखेबाज़ी ना होने पाए। “हिन्दी ख़बर” ने पहल की है और उम्मीद है कि अन्य संस्थान भी ऐसे धोखेबाज़ कर्मियों के बारे में ‘सूचना प्रचारित करने की व्यवस्था’ को अपनाएंगे ताकि मनमर्जी और धोखेबाज़ी पर लगाम लगाई जा सके।
काबिल-ए-गौर बात है कि “हिन्दी ख़बर” चैनल के सभी कर्मियों को कैशलेस मेडीक्लेम सुविधा फ्री में दी जाती है। हर महीने के आखिरी दिन सैलरी आ जाती है। महीने के आखिर में सामूहिक बर्थडे सेलीब्रेशन भी होता है। हवन, पूजन, पार्टियां आदि गतिविधियां समय समय पर चलती रहती हैं ताकि सकारात्मक माहौल बना रहे और सभी लोग प्रसन्नतापूर्वक, पूरी संतुष्टि के साथ काम कर सकें। इसके बावजूद गुपचुप तरीके से, सैलरी लेकर, भाग जाना समझ के परे है।
अगर किसी को जाना भी है तो प्रॉपर तरीके से इस्तीफा दे, नोटिस पीरियड सर्व करे, हैंडओवर दे, तत्पश्चात फुल एंड फाइनल सैटेलमेन्ट लेटर और रिलीविंग लेटर प्राप्त करके, सभी को बाय-बाय बोल कर जाए। इससे उसका मान-सम्मान बना रहेगा और संस्थान का माहौल भी बढ़िया रहेगा।


संपादकीय पक्ष: मेरा मानना है कि “हिन्दी ख़बर” की पोस्ट में लिखे गए सुझावों पर अगर सभी मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों ने अमल करना शुरू कर दिया और पूर्व संस्थान से जारी रिलीविंग लेटर के बिना किसी को जॉब पर नहीं रखने का फैसला कर लिया तो सैलरी लेकर भागने वालों पर रोक लगाई जा सकेगी। सहकर्मियों और मैनेजमेन्ट का एक-दूसरे पर भरोसा बढ़ेगा। वर्क प्लेस पर वर्किंग इन्वॉयरमेन्ट सुधरेगा। कुल मिलाकर लाइफ को हैप्पी बनाया जा सकेगा।
डिस्क्लेमर: सोशल मीडिया पर चल रही खबर व हिन्दी खबर न्यूज चैनल के ऑफिशियल पेज पर प्रकाशित खबर व मिली जानकारी के आधार पर





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