लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नई विमानन कंपनी ‘शंख एयर’ (Shankh Air) की व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने से पहले ही इसके प्रमोटरों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने शंख एयर के संस्थापक और चेयरमैन श्रवण कुमार विश्वकर्मा के लखनऊ स्थित आवास और कंपनी मुख्यालय पर जोरदार छापेमारी की है। एयरलाइन की आधिकारिक शुरुआत से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
गोमती नगर और शंख टावर में एक साथ कार्रवाई
आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें गाड़ियो में सवार होकर शुक्रवार को लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर पहुंचीं।
- आवास पर दबिश: अधिकारियों की एक टीम ने गोमती नगर विस्तार स्थित श्रवण कुमार विश्वकर्मा के व्यक्तिगत आवास पर छापा मारा।
- कार्यालय की घेराबंदी: दूसरी टीम वरदान खंड स्थित शंख एयरलाइंस के तीन मंजिला मुख्यालय (‘शंख टावर’) पहुंची और पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया।
जांच प्रक्रिया को निर्बाध रूप से चलाने के लिए शंख टावर और आवास के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
वित्तीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीम मुख्य रूप से कंपनी के फंडिंग पैटर्न और निवेश के स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
- दस्तावेजों की पड़ताल: अधिकारियों ने कंपनी के शुरुआती पूंजी निवेश, बैंक खातों और हालिया वित्तीय लेन-देन से जुड़ी फाइलें जब्त की हैं।
- डिजिटल सबूत: परिसर में मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन जांच जारी रहने तक कब्जे में ले लिए गए हैं। साथ ही, ऑफिस के कंप्यूटर, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव का डेटा खंगाला जा रहा है।
- पूछताछ: संस्थापक श्रवण कुमार विश्वकर्मा और कंपनी के प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारियों से आय के स्रोत और अलग-अलग परियोजनाओं में किए गए निवेश को लेकर अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की जा रही है।
टेंपो चलाने से एयरलाइन मालिक बनने तक का सफर
श्रवण कुमार विश्वकर्मा कानपुर के रहने वाले एक कारोबारी हैं, जो अपने असाधारण और संघर्षपूर्ण सफर को लेकर काफी समय से मीडिया की सुर्खियों में रहे हैं।
- शुरुआती दौर: कारोबार की दुनिया में कदम रखने से पहले श्रवण कुमार विश्वकर्मा सड़क पर टेंपो चलाया करते थे।
- व्यापारिक विस्तार: धीरे-धीरे उन्होंने परिवहन (ट्रांसपोर्ट), सीमेंट और स्टील सप्लाई के कारोबार में प्रवेश किया, जहां से उन्होंने अच्छी-खासी संपत्ति अर्जित की।
- एविएशन सेक्टर में एंट्री: उन्होंने भारत के उड्डयन क्षेत्र में अपनी पहुंच बनाने के उद्देश्य से ‘शंख एयर’ की स्थापना की। शंख एयर उत्तर प्रदेश की पहली निजी एयरलाइन बनने की दिशा में काम कर रही थी।
फिलहाल आयकर विभाग की ओर से इस छापेमारी के कारणों या जब्त किए गए आंकड़ों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरू होने से पहले ही कानूनी शिकंजे में फंसने के कारण शंख एयरलाइंस के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है।




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