नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों तकनीक का दुरुपयोग कर भारतीय महिला एंकरों की छवि खराब करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक पाकिस्तानी शख्स द्वारा न्यूज़ डिबेट्स के वीडियो को एडिट कर उन्हें भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। इस मामले में न्यूज़ एंकर चित्रा त्रिपाठी ने ‘मीडिया4समाचार’ से हुई बातचीत में जानकारी दी हैं
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें न्यूज़ एंकर चित्रा त्रिपाठी और अंजना ओम कश्यप एक पाकिस्तानी पैनलिस्ट के साथ डिबेट करती दिख रही हैं। वीडियो को इस तरह से एडिट किया गया है कि पैनलिस्ट की जगह उस शख्स ने खुद का वीडियो ‘फ्रेम’ में फिट कर दिया है। वह शख्स वीडियो में अभद्र और व्यक्तिगत टिप्पणियां करता नजर आ रहा है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि वह लाइव डिबेट का हिस्सा है।
चित्रा त्रिपाठी ने बताया सच
इस दुष्प्रचार पर प्रतिक्रिया देते हुए चित्रा त्रिपाठी ने ‘मीडिया4समाचार’ से कहा:
”यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी और एडिटेड है। शरारती तत्वों ने पुराने डिबेट वीडियो के साथ छेड़छाड़ की है और मूल पैनलिस्ट को हटाकर खुद का चेहरा वहां लगा दिया है। लोग इस तरह के झांसे में न आएं। यह न केवल फेक न्यूज है, बल्कि डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर महिला पत्रकारों को अपमानित करने की एक घटिया कोशिश है।”
सोशल मीडिया पर लोग हो रहे शिकार
हैरानी की बात यह है कि कई यूजर इस एडिटेड वीडियो को सच मानकर शेयर कर रहे हैं। फ्रेम इंजेक्शन (Frame Injection) तकनीक का इतनी सफाई से इस्तेमाल किया गया है कि पहली नजर में यह असली लगता है। हालांकि, गौर से देखने पर वीडियो और ऑडियो के बीच का अंतर साफ पता चलता है।
एक्स (X) पर उठी कार्रवाई की मांग
वायरल पोस्ट के नीचे कई जागरूक यूजर्स ने इसे ‘डॉक्टर्ड वीडियो’ करार देते हुए आईटी मंत्रालय और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सख्त कार्रवाई की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर ‘डिजिटल डॉक्टरी’ और मानहानि का है।
मीडिया4समाचार की अपील: किसी भी वायरल वीडियो की पुष्टि किए बिना उसे शेयर न करें। फेक न्यूज लोकतंत्र और व्यक्तिगत सम्मान के लिए खतरा है।


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