मुख्य बिंदु:
- कार्रवाई का समय: बुधवार तड़के केरल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा छापेमारी।
- चैनल का आरोप: पुलिस ने न्यूज डेस्क की तलाशी ली, प्रसारण बाधित किया और ड्यूटी पर मौजूद पत्रकारों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए।
- छापेमारी की वजह: वामपंथी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए मेस्सी-अर्जेंटीना फुटबॉल कार्यक्रम से जुड़े वित्तीय विवाद की जांच।
- अन्य ठिकाने: चैनल के कार्यालय के अलावा ऑगस्टीन बंधुओं (Reporter Broadcasting Company के मालिक) के कोच्चि स्थित आवास और वायनाड स्थित पैतृक घर पर भी तलाशी।
- राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने इस कार्रवाई को मीडिया की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया है।
विस्तृत समाचार
कोच्चि:
केरल के कोच्चि में स्थित प्रमुख मलयालम न्यूज चैनल ‘Reporter TV’ के मुख्यालय पर बुधवार तड़के पुलिस की एक विशेष टीम (SIT) ने अचानक पहुंचकर तलाशी ली। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीतिक और मीडिया गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चैनल प्रबंधन और विपक्षी नेताओं ने इस कदम को प्रेस की स्वतंत्रता के हनन के रूप में देखा है।
चैनल के आरोप और प्रसारण में बाधा
चैनल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मी बिना किसी स्पष्ट पूर्व सूचना के कार्यालय के भीतर दाखिल हुए और करीब आधे घंटे से अधिक समय तक वहां रहे। इस दौरान मुख्य रूप से पत्रकारों और तकनीकी कर्मचारियों के काम करने वाले न्यूज़ डेस्क की सघन तलाशी ली गई।
चैनल का गंभीर आरोप है कि इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण उनके नियमित प्रसारण और दैनिक न्यूज ऑपरेशन में भारी बाधा उत्पन्न हुई। इतना ही नहीं, ड्यूटी पर तैनात पत्रकारों के निजी मोबाइल फोन भी पुलिस द्वारा अपने कब्जे में ले लिए गए, जिससे उनके कामकाज पर बुरा असर पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पिछली वामपंथी सरकार के कार्यकाल में आयोजित किए गए बहुचर्चित मेस्सी-अर्जेंटीना फुटबॉल कार्यक्रम से जुड़े विवाद की जांच के सिलसिले में की जा रही है। इस मामले की तह तक जाने के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) एक साथ करीब पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
इन ठिकानों में Reporter Broadcasting Company के मालिक ऑगस्टीन बंधुओं का कोच्चि स्थित आवास, कंपनी का मुख्य कार्यालय और वायनाड स्थित उनका पैतृक निवास भी शामिल है। पुलिस यह जांच कर रही है कि इस आयोजन के फंड और प्रबंधन में किस प्रकार की अनियमितताएं हुईं।
राजनीतिक हलचल और तीखी प्रतिक्रिया
इस पूरी घटना के बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई है। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि न्यूज रूम के भीतर पुलिस का प्रवेश करना और पत्रकारों के फोन को अपने कब्जे में लेना मीडिया की स्वतंत्रता पर एक गंभीर आघात है।
विजयन ने यह भी आरोप लगाया कि तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद पत्रकारों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की, जो उनके अधिकारों का हनन है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से इस मामले में तत्काल स्पष्टीकरण देने और जवाब मांगने की मांग की है।
फिलहाल, चैनल और विपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर केरल पुलिस या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।





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