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सुदर्शन न्यूज़ चैनल पर चली नफरती ख़बर की वरिष्ठ अधिवक्ता ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से किया शिकायत,जल्द हो सकती हैं कार्रवाई

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सुदर्शन न्यूज़ चैनल पर प्रसारित एक विवादित वीडियो को लेकर अधिवक्ता दीपक बुंदेले ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से शिकायत की है। उन्होंने मंत्रालय को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि वीडियो का शीर्षक और सामग्री मुस्लिम धार्मिक प्रथाओं पर सवाल खड़ा कर सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली है। बुंदेले ने मंत्रालय से वीडियो को यूट्यूब से हटवाने, चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में इस तरह की सामग्री पर रोक लगाने की मांग की है। नीचे पढ़ें पत्र…

प्रति,

श्रीमान संयुक्त सचिव महोदय,
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय,
कमरा संख्या 552, ए विंग
शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001.

विषय- सुदर्शन न्यूज़ द्वारा सांप्रदायिक खबर के प्रसारण की शिकायत बाबत-

महोदय ,

मैं, दीपक बुंदेले, एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में, भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के समक्ष निम्नलिखित वीडियो के संबंध में शिकायत दर्ज कराना चाहता हूं। यह वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया गया है और इसमें धार्मिक प्रथाओं को लेकर भड़काऊ एवं सांप्रदायिक सामग्री प्रसारित की जा रही है, जो धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली, घृणा फैलाने वाली तथा सामाजिक सद्भाव को भंग करने वाली प्रतीत होती है।

शिकायत का विवरण:

वीडियो का लिंक: https://www.youtube.com/live/s855RbasIRQ?feature=shared
वीडियो का शीर्षक: Burqa तो पहना दिया अब खतना भी होगा क्या? | Delhi | mustafabad News | Islamic Procession | Muslim
चैनल का नाम: सुदर्शन न्यूज़
वीडियो का संक्षिप्त विवरण: यह वीडियो मुस्लिम धार्मिक प्रक्रिया, इस्लामिक जुलूस तथा मुस्लिम समुदाय से संबंधित समाचार पर आधारित प्रतीत होता है। शीर्षक में “बुरका” (धार्मिक वस्त्र) तथा “खतना” (धार्मिक प्रथा) जैसे संवेदनशील मुद्दों का उल्लेख किया गया है, जो दिल्ली के मुस्तफाबाद क्षेत्र से जुड़े हैं। वीडियो की सामग्री धार्मिक प्रथाओं को लेकर सवाल उठाती प्रतीत होती है, जो सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली, हेट स्पीच के रूप में वर्गीकृत की जा सकती है। यह सामग्री भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) (समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना), धारा 351(2) (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66A के अंतर्गत आने योग्य हो सकती है। इस प्रकार की सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है।

शिकायत का आधार:

भड़काऊ शीर्षक एवं सामग्री: वीडियो का शीर्षक स्पष्ट रूप से धार्मिक प्रथाओं (बुरका और खतना) को लेकर ताने-मजाक या सवाल उठाने वाला है, जो मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को आहत कर सकता है और हिंदू-मुस्लिम के बीच वैमनस्य बढ़ा सकता है।
सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर प्रसार: यूट्यूब एक वैश्विक प्लेटफॉर्म है, लेकिन भारत में ऐसी सामग्री का प्रसार नियंत्रित होना चाहिए, जैसा कि डिजिटल मीडिया के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत निर्देशित है।
संभावित प्रभाव: यह वीडियो दर्शकों में गलतफहमी पैदा कर सकता है और सांप्रदायिक हिंसा को भड़का सकता है, विशेषकर संवेदनशील क्षेत्रों जैसे दिल्ली के मुस्तफाबाद में।

मैं मंत्रालय से अनुरोध करता हूं कि:

इस वीडियो की तत्काल जांच कराई जाए तथा इसे यूट्यूब से हटवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सुदर्शन न्यूज़ चैनल के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस प्रकार की सामग्री को रोकने के लिए यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स को निर्देशित करने की कृपा हो।
कृपया इस शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई करें ताकि सामाजिक सद्भाव बना रहे।

धन्यवाद,

दीपक बुंदेले (अधिवक्ता)

media4samachar
Author: media4samachar

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