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सपा मीडिया सेल का तीखा हमला: एंकर प्रियंका शर्मा और रोहन दुआ को दी ‘होटल के किस्से’ खोलने की धमकी, कहा-‘ईमान बेचकर दलाली कर रहे पत्रकार’

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लखनऊ | समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया सेल द्वारा सोशल मीडिया पर किया गया एक पोस्ट इस समय उत्तर प्रदेश की राजनीति और पत्रकारिता जगत में ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा है। सपा ने देश के दो चर्चित पत्रकारों, एंकर प्रियंका शर्मा और रोहन दुआ पर सीधा और बेहद व्यक्तिगत प्रहार किया है। पार्टी ने न केवल उन पर ‘पेड ट्वीट’ करने का आरोप लगाया, बल्कि ‘होटल’ का जिक्र करते हुए ऐसी चेतावनी दी है जिससे निजी जीवन और पेशेवर मर्यादा के बीच की लकीर धुंधली पड़ गई है।

“होटल तक के किस्से सार्वजनिक हुए तो छिपने की जगह नहीं मिलेगी”

​समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया हैंडल से साझा किए गए पोस्ट में भाषा की मर्यादा को ताक पर रखते हुए लिखा गया— “पत्रकारिता दलाली नहीं है। प्रियंका शर्मा और रोहन दुआ जैसे लोग जो ट्विटर पर ईमान बेचकर पेड ट्वीट कर रहे हैं, वो समझ लें कि यदि उनके न्यूजरूम से लेकर होटल तक के किस्से सार्वजनिक कर दिए गए, तो उन्हें छिपने की जगह नहीं मिलेगी।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘होटल’ शब्द का इस्तेमाल कर पार्टी ने पत्रकारों को व्यक्तिगत तौर पर बेनकाब करने या उनके निजी जीवन से जुड़े किसी कथित राज को खोलने की धमकी दी है, जो अपने आप में एक गंभीर मोड़ है।

विवाद की जड़: अतीक अहमद और अशरफ से जुड़ी रिपोर्ट्स

​इस तीखे हमले के पीछे हाल के दिनों में इन पत्रकारों द्वारा प्रसारित किए गए कंटेंट को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

  • प्रियंका शर्मा ने हाल ही में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ द्वारा किए गए कथित गैंगरेप की पीड़ितों की कहानी सोशल मीडिया पर साझा की थी।
  • रोहन दुआ भी अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और माफियाओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

​सपा का आरोप है कि ये पत्रकार एक खास राजनीतिक एजेंडे के तहत पुरानी और विवादित कहानियों को हवा दे रहे हैं ताकि वर्तमान सरकार को फायदा पहुँचाया जा सके।

पत्रकारिता बनाम ब्लैकमेलिंग की राजनीति?

​सपा के इस पोस्ट के बाद मीडिया जगत दो फाड़ नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक वर्ग का कहना है कि अगर पत्रकार गलत नैरेटिव सेट कर रहे हैं तो उन पर सवाल उठना लाजिमी है। वहीं, संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों का एक बड़ा समूह इसे ‘ब्लैकमेलिंग की भाषा’ करार दे रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या अब राजनीतिक दल अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए पत्रकारों के निजी जीवन पर कीचड़ उछालने और उन्हें ‘होटल’ जैसे संदर्भों से डराने की रणनीति अपनाएंगे?

अभी तक की प्रतिक्रिया

​इतने गंभीर आरोपों और धमकी भरे लहजे के बावजूद अभी तक प्रियंका शर्मा या रोहन दुआ की तरफ से कोई आधिकारिक कानूनी नोटिस या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, ट्विटर (X) पर यह मामला टॉप ट्रेंड्स में बना हुआ है और लोग सपा मीडिया सेल की इस ‘खुली धमकी’ पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

​समाजवादी पार्टी का यह आक्रामक रुख आने वाले चुनावों और राज्य की राजनीति में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उसके खतरनाक स्तर तक पहुँचने का स्पष्ट संकेत है।

Media4samachar की टीम इस मामले पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही संबंधित पत्रकारों का पक्ष सामने आएगा, हम आपको अपडेट करेंगे।

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Author: media4samachar

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