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​एंकर्स ऑफ एयर: नेशनल न्यूज़ चैनल में मैराथन बैठकें और बैंक खातों की जांच शुरू हुई

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अभिषेक उपाध्याय (वरिष्ठ पत्रकार)

नोएडा/ मीडिया डेस्क: भारतीय टीवी मीडिया जगत से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, एक प्रमुख राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल में बीते कुछ दिनों से चल रहा अंदरूनी तनाव अब एक बड़े संकट में बदल चुका है। खबर है कि ‘इथेनॉल’ (Ethanol) सेक्टर पर एक विशेष वीडियो रिपोर्ट प्रसारित करने और 15 जुलाई को लेकर बड़ा अंदेशा/दावा जताने वाले चैनल के सभी संबंधित एंकर्स को प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से ‘ऑफ एयर’ कर दिया है।

​अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के बाद से न्यूज़ चैनल के कॉर्पोरेट ऑफिस में ‘मीटिंग पर मीटिंग’ का दौर जारी है। संपादकीय टीम से लेकर टॉप मैनेजमेंट तक के अधिकारी बंद कमरों में रणनीति तैयार कर रहे हैं। चैनल फिलहाल पूरी तरह से डैमेज कंट्रोल मोड में आ चुका है, ताकि इस विवाद की आंच नेटवर्क की साख पर न आए।

वित्तीय लेन-देन का शक: खंगाले जा रहे हैं एंकर्स के बैंक अकाउंट्स

​मामला सिर्फ एक गलत रिपोर्टिंग या संपादकीय चूक का नहीं लग रहा है, बल्कि इसमें एक बड़ा वित्तीय कोण (Financial Angle) भी जुड़ता नजर आ रहा है। सूत्रों का दावा है कि प्रबंधन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए आरोपी एंकरों और टीम के बैंक अकाउंट्स व बैंक स्टेटमेंट्स की बारीक जांच शुरू कर दी है।

आशंका जताई जा रही है कि इस रिपोर्टिंग के पीछे किसी प्रकार की साठगांठ, पेड-न्यूज या अनुचित वित्तीय लेन-देन शामिल हो सकता है।

 

राम मंदिर ट्रस्ट के बाद सबसे बड़ी अंदरूनी जांच!

​चैनल के भीतर चल रही इस छानबीन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी तुलना हाल के दिनों में हुई सबसे बड़ी जांचों से की जा रही है। मीडिया गलियारों में चर्चा है कि राम मंदिर ट्रस्ट में चल रही जांच-पड़ताल के बाद, अगर किसी संस्थान या मामले में इतनी बड़ी और सख्त जांच हो रही है, तो वह इसी न्यूज़ नेटवर्क के भीतर चल रही है। जांच का दायरा केवल एंकर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रोडक्शन और रिसर्च टीम भी रडार पर है।

क्या है ’15 जुलाई’ और इथेनॉल का पूरा विवाद?

​हालांकि अभी तक चैनल प्रबंधन या किसी एंकर की तरफ से आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि इथेनॉल पॉलिसी या इससे जुड़ी किसी बड़ी लॉबी को लेकर दिखाई गई रिपोर्ट ने सरकार या कॉर्पोरेट स्तर पर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। 15 जुलाई की समयसीमा (Deadline) को लेकर जताए गए अंदेशे के पीछे की सच्चाई क्या थी, प्रबंधन अब इसी की तह तक जाने की कोशिश में है।

​इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे मीडिया जगत में सुगबुगाहट तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़े नामों पर गाज गिर सकती है और इस्तीफों का दौर भी शुरू हो सकता है।

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Author: media4samachar

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