नई दिल्ली: भारतीय मीडिया जगत में इन दिनों एक ‘घर वापसी’ की चर्चा सबसे ज्यादा गर्म है। वरिष्ठ पत्रकार अनुराग मिश्रा ने देश के प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र ‘हिंदुस्तान’ में मैनेजिंग एडिटर के पद पर कार्यभार संभाल लिया है। उनकी यह नियुक्ति न केवल उनके करियर का एक बड़ा पड़ाव है, बल्कि संस्थान के भीतर सत्ता के समीकरणों को बदलने वाली भी मानी जा रही है।
डिजिटल का अनुभव और प्रिंट में वापसी
अनुराग मिश्रा इससे पहले ‘दैनिक जागरण’ के डिजिटल विंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। डिजिटल मीडिया की बारीकियों और भविष्य की पत्रकारिता को समझने वाले अनुराग की नियुक्ति को हिंदुस्तान प्रबंधन के एक बड़े रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में अखबार अपने डिजिटल और प्रिंट अवतार के बीच एक नया और मजबूत सेतु तैयार करेगा।
चीफ रिपोर्टर से मैनेजिंग एडिटर तक का सफर
अनुराग मिश्रा के लिए हिंदुस्तान की गलियां नई नहीं हैं। उनका इस संस्थान से पुराना और गहरा नाता रहा है:
- 2017 का दौर: वे हिंदुस्तान में ‘मेट्रो एडिटर’ के तौर पर दिल्ली की खबरों की कमान संभालते थे।
- शुरुआती दौर: इससे पहले वे दिल्ली में ही ‘चीफ रिपोर्टर’ के पद पर रहकर अपनी धारदार रिपोर्टिंग का लोहा मनवा चुके हैं।
मीडिया गलियारों में चर्चा: ‘शिष्य’ अब ‘गुरुओं’ के बॉस
इस नियुक्ति का सबसे दिलचस्प पहलू वह है जिसकी चर्चा संपादक कक्ष (Newsroom) से लेकर प्रेस क्लब तक हो रही है। दरअसल, अनुराग मिश्रा ने अपने करियर के विभिन्न पड़ावों पर जिन वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों के अधीन (Under) काम किया, आज वे उन सभी के ‘बॉस’ बनकर लौटे हैं। पदानुक्रम (Hierarchy) में आए इस बड़े बदलाव ने संस्थान के भीतर एक नई हलचल पैदा कर दी है।
इसे एक नई पीढ़ी के उदय और काबिलियत के दम पर शीर्ष तक पहुँचने के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
संस्थान को मिलेंगी नई ऊंचाइयां
एक रिपोर्टर और एडिटर के तौर पर जमीन से जुड़े होने के कारण अनुराग मिश्रा को खबरों की गहरी समझ है। दिल्ली-एनसीआर की नब्ज पहचानने वाले मिश्रा से यह उम्मीद की जा रही है कि वे हिंदुस्तान अखबार की कंटेंट स्ट्रेटेजी में नयापन लाएंगे और टीम में एक नई ऊर्जा का संचार करेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट: मीडिया4समाचार



Users Today : 65
Users Yesterday : 256