Home » आवाजाही » वरिष्ठ पत्रकार टीके अरुण बने इस मीडिया संस्थान के नए संपादक

वरिष्ठ पत्रकार टीके अरुण बने इस मीडिया संस्थान के नए संपादक

47 Views

नई दिल्ली:

देश की सबसे प्रतिष्ठित अकादमिक जर्नल और पब्लिक पॉलिसी प्रकाशन ‘इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली’ (EPW) ने पत्रकारिता और आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ टीके अरुण (TK Arun) को अपना नया संपादक नियुक्त किया है। गंभीर विमर्श और नीतिगत विश्लेषण के लिए मशहूर इस पत्रिका की कमान अब देश के एक बेहद अनुभवी और विश्लेषणात्मक पत्रकार के हाथों में होगी।

​लेखन शैली और सार्वजनिक टिप्पणियों में होगा बदलाव

​अपनी नई भूमिका को लेकर टीके अरुण ने स्पष्ट किया है कि अब उनके लेखन और सार्वजनिक उपस्थिति के स्वरूप में बदलाव आएगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा:

​”अब मैं अपने नाम से की जाने वाली व्यक्तिगत सार्वजनिक टिप्पणियों और स्वतंत्र लेखन को सीमित करूँगा। आने वाले समय में मेरी राय और विचार ‘इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली’ के संपादकीय (Editorials) और कमेंट्री के माध्यम से ही पाठकों के सामने आएंगे।”

 

​इसके साथ ही उन्होंने पाठकों के लिए एक अच्छी खबर भी साझा की। उन्होंने बताया कि EPW का लोकप्रिय ‘एंगेज’ (Engage) सेक्शन सभी पाठकों के लिए पूरी तरह खुला (फ्री-टू-एक्सेस) रहेगा, ताकि गंभीर विषयों पर होने वाली चर्चाएं व्यापक जनमानस तक पहुंच सकें।

​आर्थिक पत्रकारिता का एक बड़ा और विश्वसनीय नाम

​टीके अरुण का मीडिया जगत, विशेषकर आर्थिक पत्रकारिता (Financial Journalism) में एक लंबा और शानदार करियर रहा है। उन्हें देश की आर्थिक नीतियों, घरेलू राजनीति और वैश्विक भू-राजनीतिक (Global Affairs) मामलों पर उनके बेहद सटीक और बारीक विश्लेषण के लिए जाना जाता है।

​उनका अब तक का सफर:

  • द इकोनॉमिक टाइम्स (The Economic Times): वह लंबे समय तक देश के इस अग्रणी बिजनेस अखबार से जुड़े रहे और इसके विकास व वैचारिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई।
  • द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स: उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान में भी अपनी सेवाएं दीं और आर्थिक विमर्श को धार दी।
  • चर्चित कॉलमिस्ट: देश-विदेश के विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर उनके कॉलम और लेख बेहद चाव से पढ़े और अकादमिक जगत में कोट किए जाते हैं।

​क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

​’इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली’ (EPW) केवल एक पत्रिका नहीं है, बल्कि यह भारत के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक शोध (Research) का एक प्रमुख स्तंभ है। 1966 में अपनी स्थापना के बाद से ही इस जर्नल ने देश के नीति-निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और बुद्धिजीवियों को एक स्वतंत्र मंच दिया है।

​वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू नीतियों में आ रहे तेजी से बदलावों के बीच, टीके अरुण जैसे अनुभवी संपादक का EPW के शीर्ष पद पर आना बेहद मायने रखता है। उम्मीद की जा रही है कि उनके गहरे अनुभव और गंभीर दृष्टिकोण से इस प्रतिष्ठित जर्नल के वैचारिक स्तर और अनुसंधानपरक पत्रकारिता को एक नई ऊंचाई मिलेगी।

media4samachar
Author: media4samachar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Cricket

Daily Astrology