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Zee मीडिया जुटाएगा ₹119 करोड़ का फंड,FPI को जारी होंगे 14 करोड़ वारंट

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​ज़ी मीडिया बोर्ड ने 18 मई 2026 की बैठक में फंड जुटाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी।

  • ​₹8.50 प्रति वारंट की कीमत पर तीन विदेशी निवेशक संस्थाओं (FPIs) को अलॉट होंगे वारंट।
  • ​निवेशकों को शुरुआती तौर पर 25% रकम देनी होगी, शेष 75% के लिए मिलेगा 18 महीने का समय।
  • ​13 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुलाई गई एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM)।

नई दिल्ली/नोएडा:

भारतीय मीडिया जगत और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में से एक, ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Zee Media Corporation Limited) ने बाजार से बड़ा फंड जुटाने का फैसला किया है। कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 18 मई 2026 को हुई अपनी अहम बैठक में करीब 119 करोड़ रुपये के फंड रेजिंग प्लान को हरी झंडी दे दी है। कंपनी यह पूंजी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को वारंट जारी करके जुटाएगी।

कैसे जुटेगा फंड? समझिए पूरा गणित

​शेयर बाजारों (Stock Exchanges) को भेजी गई आधिकारिक नियामक फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि इस योजना के तहत कुल 14 करोड़ वारंट जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने हर वारंट की कीमत 8.50 रुपये तय की है। भविष्य में इन वारंट्स को कंपनी के समान संख्या वाले इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए कंपनी अधिकतम 1,19,00,00,000 रुपये (119 करोड़ रुपये) की पूंजी जुटाने में सक्षम होगी।

इन तीन विदेशी निवेशकों पर जताया भरोसा

​कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ये वारंट तीन प्रमुख विदेशी निवेशक संस्थाओं को जारी किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:

  1. Magnifica Global Opportunities VCC-MGO High Conviction Fund
  2. Minerva Ventures Fund
  3. Sun India Opportunities Investing Fund

​ये सभी निवेशक कंपनी में ‘नॉन-प्रमोटर’ (Non-Promoter) कैटेगरी के तहत निवेश करेंगे, जिससे कंपनी के मौजूदा प्रमोटर स्ट्रक्चर पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

भुगतान की शर्तें और टाइमलाइन

​फंडिंग के नियमों को बेहद कड़ा और स्पष्ट रखा गया है। अलॉटमेंट के वक्त निवेशकों को कुल रकम का 25 प्रतिशत अग्रिम (Advance) जमा करना होगा। बाकी की 75 प्रतिशत रकम तब देय होगी, जब वे वारंट को इक्विटी शेयर में कन्वर्ट करेंगे। इसके लिए निवेशकों को अधिकतम 18 महीने की समयसीमा दी गई है। अगर तय समय के भीतर वारंट को शेयर में नहीं बदला गया, तो वारंट स्वतः ही रद्द हो जाएंगे और शुरुआती 25 फीसदी की जमा राशि कंपनी द्वारा जब्त कर ली जाएगी।

स्वेता गोपालन दोबारा बनीं इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

​फंड जुटाने के अलावा, बोर्ड ने कंपनी के शीर्ष नेतृत्व को मजबूती देने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) स्वेता गोपालन की दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उनका दूसरा कार्यकाल 1 अगस्त 2026 से शुरू होकर 31 जुलाई 2031 तक (5 वर्ष) के लिए होगा।

​स्वेता गोपालन का कॉर्पोरेट प्रोफाइल बेहद मजबूत है। वह इंडस्ट्रियल बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक हैं और अमेरिका के प्रतिष्ठित Kellogg School of Management से एमबीए (MBA) ग्रेजुएट हैं। उनके पास Johns Hopkins Medicine International, Parkway Health Singapore, Noble Group और Tata Consultancy Services (TCS) जैसी वैश्विक और दिग्गज कंपनियों में काम करने का एक लंबा और शानदार अनुभव है।

13 जून को होगी शेयरधारकों की बैठक (EGM)

​बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब इन दोनों अहम प्रस्तावों (फंड जुटाने और स्वतंत्र निदेशक की पुनर्नियुक्ति) पर कंपनी के शेयरधारकों की अंतिम मुहर लगनी बाकी है। इसके लिए ज़ी मीडिया ने आगामी 13 जून 2026 को एक एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई है। डिजिटल युग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह पूरी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए आयोजित की जाएगी।

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Author: media4samachar

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