मित्रों, 30 मई को मई महीने की सैलरी लेकर, 31 मई को निर्धारित शिफ्ट में सुबह 7 बजे के बुलेटिन को एंकर करने के लिए जानबूझकर ऑफिस ना आना और नोटिस पीरियड सर्व किए बिना झटके से चैनल छोड़ कर भाग जाना मुख्य मुद्दा है, जिसका मैनें खुला विरोध किया। मगर ‘हिन्दी ख़बर’ की पूर्व एंकर सुश्री रितु भंडारी जी महोदया और ट्रोल आर्मी के उनके ‘मंद एवं बंद बुद्धि धारक प्रिय मित्रों’ ने इस विषय पर विमर्श के इतर, ना-ना प्रकार के सर्टिफिकेट मुझे बांटने शुरू कर दिए। ऐसे निजी हमले काफी वर्षों से मैं झेलता आ रहा हूँ, जिसका मुझ पर रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ता क्योंकि सांच को आंच नहीं। ‘स्कोर सैटल’ करने की उत्कंठा पाले ट्रोल ऑर्मी में कुछ श्री, सुश्री एवं श्रीमती ऐसे भी हैं…
1. जिन्होने ‘हिन्दी ख़बर’ में अप्लाई किया, चक्कर काटे मगर नौकरी नहीं लग पाई।
2. जिन्होने ‘हिन्दी ख़बर’ में नौकरी के लिए लिंक्डइन एवं इन्स्टाग्राम पर मैसेज भेजे हुए हैं।
3. कुछ पुराने साथी जो विभिन्न कारणों से ‘हिन्दी ख़बर’ से पृथक हुए अथवा कर दिए।
4. सिफारिश पर इन्टर्नशिप पाए साथी जिन्हे 2-3 माह बाद सर्टिफिकेट देकर विदा किया गया था और जो ‘हिन्दी ख़बर’ में नौकरी ना लग पाने के कारण कुपित हैं।
5. जिन्होने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी मगर संख्या सीमित होने के कारण स्वीकार नहीं की जा सकी।
6. कुछ छुटभैये स्वयंभू नेता, ‘हिन्दी ख़बर’ के पूर्व, अन्य संस्थानों के मेरे कुछ सहकर्मी भी हिसाब बराबर करने को लालायित दिखे।
7. कुछ मठाधीश वो हैं जिन्होने कोशिशें तो तमाम कीं मगर लूट-खसोट, उगाही एवं अपने पार्टनरों को चूना लगाने की बदनीयती के कारण संस्थान जमा और चला नहीं सके।
उपरोक्त सभी बंधु एवं भग्नियों को GET WELL SOON, कैलाशपति महादेव आप सभी का भला करें।
गौरतलब है कि रितु भंडारी जी ने दिनांक 22 फरवरी 2024 को HR को ई-मेल के ज़रिए सीवी भेज कर जॉब के लिए अप्लाई किया था। दिनांक 12 मार्च 2024 को एम्प्लॉई कोड E0695 के तौर पर इन्हे ज्वॉइन करवाया गया था। मगर 24 अप्रैल 2024 तक इन्होने पुरानी कंपनी का रिलीविंग लेटर, एक्पीरिएंस लेटर, सैलरी प्रदर्शित करता बैंक स्टेटमेन्ट आदि जमा नहीं करवाए थे, जिसे लेकर HR की तरफ से इन्हे बाकायदा ई-मेल किया गया था। (स्क्रीन शॉट संलग्न है) मतलब ये हुआ कि “हिन्दी ख़बर” चैनल में आवेदन, चयन, कार्य निष्पादन, वेतन, अन्य सुविधाओं आदि के निस्तारण की प्रक्रियाओं में नियमन का सम्यक पालन किया जाता है।
अब बात करते हैं व्हाटेसऐप के उस ‘स्क्रीन शॉट’ की, जो अनुकूल सत्य के तौर पर सुश्री रितु भंडारी जी ने दिखाया, जिसमें HR एवं अकाउंट्स हैड फैज़ान अनवर किदवई को टैग करते हुए मैने लिखा था कि “Please REMOVE Ritu Ji, She is NOT with us anymore.” जबकि इसके पहले वाले स्क्रीन शॉट्स को जानबूझकर छिपा लिया। इस संवाद पर ही सुश्री रितु भंडारी जी ने आगबबूला होकर, धौंस दिखाने के लिए दिनांक 05-11-2025 को इस्तीफा ई-मेल कर दिया था। हालांकि छुट्टियों से लौट के आने और बातचीत के उपरान्त ‘हिन्दी ख़बर’ में कार्यरत रहना ही उन्होने पसन्द किया था।
दरअसल, मनमर्ज़ी की LEAVE लेने की लालसा, इससे उपजी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश तथा धौंस प्रदर्शन वाला ये पूरा संवाद HK ANCHORS GROUP में हुआ था, जिसमें सभी एंकर्स, आउटपुट, इनपुट, डिजिटल और प्रोडक्शन वाले 19-20 साथी जुड़े हुए हैं।
हुआ यूं था कि रितु मैडम ने सीनियर एंकर सुनील सिंह पौरूष जी को शाम को व्हाटेसऐप पर पर्सनल मैसेज भेजा “Kl meri leave lga dena sir … Atul sir ko msg kr dia hai … Qki Vo punjab gye hue hain” और छुट्टी ले ली। जबकि ‘हिन्दी ख़बर’ में आउटपुट हैड अथवा संपादक से लीव अप्रूव करवाने की व्यवस्था है ताकि काम सुचारू रूप से चलता रहे।
अगले दिन रितु मैडम की अनुपस्थिति पर, HK ANCHORS GROUP में सुनील जी से जब पूछा गया तो उन्होने रितु मैडम का मैसेज भेज दिया। तब सुनील जी से मैनें पूछा कि “आप रितु जी को रिपोर्ट करते हैं या मुझे?” तत्पश्चात रितु जी को टैग करते हुए मैनें लिखा कि “रितु जी पंजाब में मोबाइल फोन चलता है. शायद आपको ये पता नहीं है” फिर सुनील जी को संबोधित किया गया कि “जो एंकर जब चाहती / चाहता है तब आप उनके स्लॉट्स ऊपर नीचे क्यों कर देते हैं? एंकर्स को चैनल की ज़रूरत के हिसाब से शिफ्ट में लगाया जाना चाहिए। SAT & SUN को एन्जॉय करने का अधिकार किसी एक को क्यों मिलना चाहिए? रोटेशन बेसिस पर सभी को क्यों नहीं? हमसे पूछे बिना आप किसी एंकर के स्लॉट और शिफ्ट परिवर्तित नहीं करेंगे, ना किसी का वीक ऑफ बदलेंगे। लगातार लंबे बुलेटिन्स क्यों पढ़वाए जाते हैं?” सुनील जी ने जवाब दिया था कि “ठीक है सर, अब से सबको अवसर मिलेगा।” (सारे स्क्रीन शॉट्स संलग्न हैं)
साफ है कि मनमानी पूरी करने हेतु दबाव बनाने के लिए इस्तीफा दिया गया था और अवकाश से लौट के आने के बाद पुन: काम करना जारी रखा था। इस्तीफे की दिनांक 05-11-2025 से आज 03-06-2026 यानि 7 महीने हंसी-खुशी बिताने के बाद, जब इन्हे किसी और चैनल में नौकरी मिल गई तो इन्होने सेवा शर्तों की उल्लंघना करते हुए, अपना बुलेटिन छोड़ कर, अचानक से चले जाना पसंद किया। नोटिस पीरियड तक सर्व नहीं किया और कोई हैंडओवर भी नहीं दिया। हर तरह से संपर्क करने में नाकाम रहने पर, जब सोशल मीडिया में सूचना प्रकाशित की गई तो ‘महिला विक्टिम कार्ड’ खेलने और झूठे, बेबुनियाद तथा फर्ज़ी आरोप लगाने लग गईं ताकि मूल विषय से लोगों का ध्यान हटाया जा सके।
अरे भई, जिस किसी को भी अपनी ग्रोथ के लिए किसी और संस्थान में जाना है, उसे अपनी इच्छा अवश्य पूरी करनी चाहिए मगर वर्तमान संस्थान का नुकसान करने और पूर्व हस्ताक्षरित सेवा शर्तों की उल्लंघना करने की बजाय, आपसी बातचीत तथा नोटिस पीरियड सर्व करके, बाकायदा फेयरवेल लेकर जाए ताकि अच्छा मैसेज संप्रेषित हो। मैं पुन: कह रहा हूं कि ऐसे धतकर्मों से सच ना तो बदलने वाला है और ना ही मुझे दबाब में लेने की कोशिशें कामयाब होंगी। मीडिया मित्रों को जो सच्चाई पता चलनी चाहिए थी वो पता चल चुकी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात: “हिन्दी ख़बर” चैनल पिछले 11 वर्षों से किसी की अनुकंपा पर नहीं, बल्कि हमारे 250 से ज्यादा साथियों के समर्थन, मेहनत, लगनशीलता तथा बुद्धिमत्ता और कैलाशपति भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से संचालित है एवं प्रभु कृपा से आगे भी बम-बम चलता रहेगा। जलने वाले जलते कुढ़ते रहें, गालियां देने वाले शौक से गालियां देते रहिए। GET WELL SOON, महादेव आप सभी का भला करें।
अतुल अग्रवाल, एमडी एवं प्रधान संपादक, हिन्दी ख़बर







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