लखनऊ ब्यूरो, 3 जून 2026
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य की अदालतों में सरकार का पक्ष रखने वाले सरकारी अधिवक्ताओं (Government Advocates) को एक बड़ा तोहफा दिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में न्याय विभाग के उस अहम प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई, जिसमें सरकारी वकीलों के मानदेय (मंथली रिटेनरशिप) और प्रतिदिन की बहस फीस (Hearing Fee) में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का प्रावधान है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 4,800 सरकारी वकीलों की जेबें सीधे तौर पर मजबूत होंगी। इस बड़े आर्थिक सुधार के चलते राज्य सरकार के खजाने पर प्रतिवर्ष लगभग 190 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा।
10 से 14 साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म
कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वकीलों की फीस में यह संशोधन एक लंबे अरसे के बाद किया गया है। जिला अदालतों के वकीलों का मानदेय जहाँ 10 वर्ष बाद रिवाइज हुआ है, वहीं महाधिवक्ता (Advocate General) की रिटेनरशिप फीस में करीब 14 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद यह सम्मानजनक बढ़ोतरी की गई है।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के वकीलों की नई फीस संरचना
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, शीर्ष स्तर के कानून अधिकारियों की मंथली रिटेनरशिप और प्रतिदिन कोर्ट में खड़े होने (बहस करने) की फीस में बड़ा इजाफा हुआ है:
- महाधिवक्ता (Advocate General): इनका मासिक तय मानदेय ₹75,000 से बढ़ाकर सीधे ₹1,25,000 कर दिया गया है। इसके अलावा, प्रतिदिन बहस की फीस ₹40,000 से बढ़ाकर ₹60,000 की गई है।
- अपर महाधिवक्ता (Addl. Advocate General): हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने वाले इन अधिकारियों की रिटेनरशिप ₹30,000 से बढ़ाकर ₹50,000 और बहस फीस ₹20,000 से बढ़ाकर ₹40,000 प्रति कार्यदिवस कर दी गई है।
- मुख्य स्थायी अधिवक्ता (Chief Standing Counsel): इनकी मासिक रिटेनरशिप ₹22,000 से बढ़ाकर ₹35,000 और बहस फीस ₹7,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिदिन हो गई है।
- अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता: इन्हें अब ₹12,000 की जगह ₹20,000 मासिक रिटेनरशिप और बहस के लिए ₹5,000 के स्थान पर ₹8,000 प्रतिदिन मिलेंगे।
- स्थायी अधिवक्ता (Standing Counsel): इनका मानदेय ₹9,000 से बढ़ाकर ₹15,000 और सुनवाई फीस ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दी गई है।
जिला और अधीनस्थ अदालतों (Subordinate Courts) में नई दरें
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने साफ किया कि जिला स्तर पर मुकदमों की पैरवी करने वाले वकीलों को भी इस बढ़ोतरी का भरपूर लाभ दिया गया है। नई दरें इस प्रकार हैं:
|
पद (Post) |
पुरानी मंथली रिटेनरशिप |
नई मंथली रिटेनरशिप |
पुरानी बहस फीस (प्रति सुनवाई) |
नई बहस फीस (प्रति सुनवाई) |
|---|---|---|---|---|
|
जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) |
₹10,000 |
₹14,000 |
₹1,650 |
₹2,500 |
|
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) |
₹7,200 |
₹11,000 |
₹1,500 |
₹2,300 |
|
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (AGC) |
₹6,300 |
₹10,000 |
₹1,500 |
₹2,300 |
|
उप जिला शासकीय अधिवक्ता |
₹5,400 |
₹9,000 |
₹1,265 |
₹2,000 |





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