अभिषेक उपाध्याय वरिष्ठ पत्रकार
पटना/नई दिल्ली: देश के एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय न्यूज़ नेटवर्क के बिहार रीजनल चैनल में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चैनल प्रबंधन ने एक साथ पांच सीनियर एंकरों को स्टूडियो से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इन सभी एंकरों को तत्काल प्रभाव से ‘ऑफ-एयर’ (प्रसारण से दूर) कर दिया गया है।
मीडिया गलियारों में इस अप्रत्याशित कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई “15 जुलाई और इथेनॉल घोटाले/नीति” से जुड़े कुछ वीडियो और डिजिटल कंटेंट को लेकर की गई है, जिसने संस्थान के शीर्ष प्रबंधन को हिलाकर रख दिया है।
HR का ‘मिसाइल सर्च ऑपरेशन’: निशाने पर एंकर और डिजिटल टीम
चैनल के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस वक्त पटना से लेकर दिल्ली मुख्यालय तक का ह्यूमन रिसोर्स (HR) विभाग पूरी तरह से ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय’ मोड में काम कर रहा है। दफ्तर के माहौल को बयां करते हुए एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:
”मुख्यालय से आई टीम इस वक्त दफ्तर में हर उस शख्स की पड़ताल कर रही है जिसका संबंध 15 जुलाई वाले वीडियो से है। जांच का तरीका कुछ वैसा ही है, जैसे ईरान की मिसाइलें हॉर्मुज की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों को ढूंढ-ढूंढ कर निशाना बनाती हैं। किसी को बख्शने के मूड में मैनेजमेंट नहीं दिख रहा।”
एंकरों के लैपटॉप, ऑफिशियल ईमेल और पर्सनल चैट तक की कड़ाई से स्क्रूटनी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस संवेदनशील विषय पर वीडियो बनाने और उसे प्रसारित या लीक करने के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।
आखिर क्या है ‘इथेनॉल और 15 जुलाई’ का पूरा विवाद?
हालांकि प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि मामला बेहद संवेदनशील है।
- कॉरपोरेट या पॉलिटिकल कनेक्शन: बिहार में इथेनॉल प्लांट और उससे जुड़ी नीतियां पिछले कुछ समय से बड़े निवेश और राजनीतिक बहस का केंद्र रही हैं।
- पॉलिसी वॉयलेशन की आशंका: माना जा रहा है कि 15 जुलाई को लेकर तैयार किए गए किसी वीडियो या रिपोर्ट में कुछ ऐसी जानकारियां उजागर कर दी गईं, जो चैनल की एडिटोरियल पॉलिसी या फिर उसके बड़े विज्ञापनदाताओं/हितधारकों के हितों के खिलाफ थीं।
- व्हिसलब्लोइंग या लीक: एक थ्योरी यह भी है कि चैनल के अंदरूनी डेटा या किसी खास रिपोर्ट को बिना अनुमति के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्लांट किया गया, जिसके बाद मुख्यालय ने यह सख्त रुख अख्तियार किया।
रीजनल मीडिया में डर का माहौल
एक साथ पांच स्थापित चेहरों को स्क्रीन से हटाए जाने के बाद चैनल के बाकी स्टाफ में भारी दहशत का माहौल है। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि संस्थान अपनी एडिटोरियल लाइन और कॉरपोरेट हितों को लेकर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है।
पटना के मीडिया हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि क्या इन एंकरों की सिर्फ छुट्टी की गई है या आने वाले दिनों में इन्हें टर्मिनेशन लेटर (बर्खास्तगी) भी थमाया जा सकता है। फिलहाल, पांचों एंकरों को स्टूडियो से बाहर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने को कहा गया है, जबकि HR की ‘मिसाइलें’ अभी भी नए निशानों की तलाश में घूम रही हैं।
72 घंटे बीत चुके हैं “इथेनॉल और 15 जुलाई” पर वीडियो बनाने वाले एंकर्स को ऑफ एयर हुए। वे रोज़ दफ़्तर बुलाए जा रहे हैं और डेस्क पर बिठाए जा रहे हैं!! अजय देवगन से मिलते जुलते नाम वाले संपादक महोदय इतनी बड़ी इंटेलिजेंस चूक के सदमे में उसी तरह अपना माथा पीट रहे हैं,जैसे पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाँवों में दलिद्दर भगाने की ख़ातिर झाड़ू से सूप पीटा जाता है!! बताते हैं कि चैनल की हाइरार्की (Hierarchy) के स्टाक एक्सचेंज में उनके जलवे के शेयर,रिलायंस पॉवर के शेयरों से भी तेज़ गति से नीचे गिरे हैं!!





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