

नोएडा/नई दिल्ली: ‘हिन्दी ख़बर’ न्यूज़ चैनल प्रबंधन और पत्रकार सुश्री रितु भंडारी के बीच चल रहा विवाद अब दस्तावेज़ी लड़ाई में तब्दील हो चुका है। ‘हिन्दी ख़बर’ प्रबंधन व प्रधान संपादक & एमडी अतुल अग्रवाल ने प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान मीडिया4समाचार के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए सुश्री रितु भंडारी द्वारा सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रबंधन ने रितु भंडारी के दावों को ‘सफेद झूठ’ करार देते हुए उनके द्वारा हस्ताक्षरित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को सार्वजनिक किया है।
दावों के खंडन में पेश किया दस्तावेज़ों का कोलाज
चैनल प्रबंधन का कहना है कि सुश्री रितु भंडारी अपनी हर सोशल मीडिया पोस्ट में लगातार यह दावा कर रही थीं कि उन्हें संस्थान की तरफ से कोई अपॉइंटमेंट लेटर (नियुक्ति पत्र) नहीं दिया गया और न ही वह किसी ‘नोटिस पीरियड’ की शर्त से वाकिफ हैं।
इन दावों को झूठा साबित करने के लिए प्रबंधन ने रितु भंडारी के हस्ताक्षरित दस्तावेज़ों का एक कोलाज जारी किया है। प्रबंधन के अनुसार, इन सभी ओरिजिनल कागज़ातों पर रितु भंडारी के दस्तखत मौजूद हैं।
जारी किए गए कोलाज में ये मुख्य दस्तावेज़ शामिल हैं:
ऑफर लेटर एवं अपॉइंटमेंट लेटर (हस्ताक्षर युक्त)
अप्रेजल फॉर्म और कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) फॉर्म
एनुअल इंक्रीमेंट (वार्षिक वेतन वृद्धि) लेटर
EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि) फॉर्म
नियम और शर्तों में ‘2 महीने का नोटिस पीरियड’ अनिवार्य
प्रबंधन द्वारा साझा किए गए नियम और शर्तों के दस्तावेज़ के मुताबिक, कंपनी की पॉलिसी में साफ तौर पर लिखा है कि संस्थान से इस्तीफ़ा देने के बाद कर्मचारी को दो महीने का नोटिस पीरियड सर्व करना होगा। यदि कोई कर्मचारी ऐसा नहीं करता है, तो उसे इस अवधि का पूरा वेतन कंपनी को वापस लौटाना होगा।
सुरक्षात्मक कदम: चैनल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि हस्ताक्षरों (Signatures) के किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए सार्वजनिक किए गए दस्तावेज़ों पर लाल क्रॉस (❌) का निशान लगाया गया है, जबकि सभी मूल (Original) दस्तावेज़ संस्थान के पास सुरक्षित हैं।
’सार्वजनिक माफ़ी मांगें वरना होगी कानूनी कार्रवाई’
’हिन्दी ख़बर’ न्यूज़ चैनल प्रबंधन ने मीडिया4समाचार के ज़रिए कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं और गाली-गलौज करवाई गई है, जो कि एक अपराध है।
प्रबंधन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सुश्री रितु भंडारी सार्वजनिक रूप से अपने इस कृत्य के लिए माफ़ी नहीं मांगती हैं और सोशल मीडिया से अपनी सभी विवादित पोस्ट डिलीट नहीं करती हैं, तो प्रबंधन उनके खिलाफ कानूनी रास्ता अख्तियार करते हुए कोर्ट का रुख करेगा।





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