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प्रिया तिवारी पर भारत अपडेट और न्यूज इंडिया में ‘डबल जॉब’ का आरोप,कानूनी कार्रवाई की तैयारी

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मीडिया गलियारों में इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाला मामला सुर्खियों में है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर वायरल हो रहे कुछ स्क्रीनशॉट्स के बाद एक महिला पत्रकार पर एक ही समय में दो अलग-अलग न्यूज़ चैनलों में काम करने (डबल जॉब) का गंभीर आरोप लगा है। मामला रिपोर्टर प्रिया तिवारी से जुड़ा है, जिसके बाद मीडिया जगत में पेशेवर नैतिकता को लेकर बहस छिड़ गई है।

क्या है पूरा विवाद?

​वायरल दावों के अनुसार, रिपोर्टर प्रिया तिवारी ने एक मीडिया संस्थान से औपचारिक रूप से अलग हुए बिना ही दूसरे बड़े संस्थान में अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया। व्हाट्सएप पर वायरल हुए कुछ चैट स्क्रीनशॉट्स में कथित तौर पर ‘भारत अपडेट’ (Bharat Update) और ‘न्यूज इंडिया’ (News India) न्यूज़ चैनलों का जिक्र है।

​दावा किया जा रहा है कि प्रिया तिवारी ने ‘भारत अपडेट’ से विधिवत इस्तीफा दिए बिना या वहां से रिलीव हुए बिना ‘न्यूज इंडिया’ में नौकरी जॉइन कर ली। खबरों के मुताबिक, भारत अपडेट प्रबंधन ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था, इसके बावजूद वे दूसरे संस्थान में कार्यरत हो गईं।

लीगल नोटिस और धोखाधड़ी की बात आई सामने

​डेस्क के हाथ लगे एक कथित वायरल चैट के स्क्रीनशॉट ने इस मामले को और हवा दे दी है। इस चैट में साफ तौर पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। वायरल संदेश में लिखा है:

“Priya Tiwari ke against double job without information or 420 ka notice mail kijiye. Legal team ko batayiye iske against action ke liye.”

(अनुवाद: प्रिया तिवारी के खिलाफ बिना जानकारी के डबल जॉब करने और धारा 420 (धोखाधड़ी) का नोटिस मेल कीजिए। लीगल टीम को इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए बोलिए।)

 

चैनलों की भर्ती प्रक्रिया और पारदर्शिता पर उठे सवाल

​इस विवाद के सामने आने के बाद अब कई सवाल ‘ उठ रहे हैं। मीडिया हलकों में यह चर्चा तेज है कि यदि प्रिया तिवारी को ‘भारत अपडेट’ से आधिकारिक तौर पर रिलीविंग लेटर या नो-ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं मिला था, तो न्यूज इंडिया ने किस आधार पर उन्हें जॉइनिंग दे दी?

​विशेषज्ञों का कहना है कि जहां एक तरफ पत्रकारिता के क्षेत्र में युवाओं को नौकरी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है, वहीं इस तरह के मामले कॉर्पोरेट गवर्नेंस और हायरिंग प्रोसेस (भर्ती प्रक्रिया) की कमियों को उजागर करते हैं।

पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

​हालांकि, यह पूरा मामला फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट्स और दावों पर ही आधारित है।

​इस पूरे विवाद पर अभी तक पत्रकार प्रिया तिवारी, ‘भारत अपडेट’ या ‘न्यूज इंडिया’ प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। संबंधित पक्षों का रुख सामने आने के बाद ही इस मामले की असली सच्चाई साफ हो पाएगी।

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Author: media4samachar

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