फिरोजाबाद | उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उत्पीड़न का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शासन से लेकर सत्ता के गलियारों तक खलबली मचा दी है। जिले की तहसीलदार राखी शर्मा ने सीधे जिलाधिकारी (DM) पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। तहसीलदार का दावा है कि करोड़ों के जमीन घोटाले को दबाने के लिए उन पर न केवल दबाव बनाया गया, बल्कि उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न भी किया गया।
🛑 करोड़ों के जमीन घोटाले की जांच बनी वजह
तहसीलदार राखी शर्मा के अनुसार, पूरा विवाद जिलाधिकारी कार्यालय के बाबुओं द्वारा किए गए करोड़ों रुपये के जमीन घोटाले से शुरू हुआ। राखी शर्मा का आरोप है कि जब वह इस घोटाले की जांच कर रही थीं, तो DM की ओर से उन पर “नेगेटिव रिपोर्ट” देने का दबाव बनाया गया ताकि दोषियों को बचाया जा सके।
जब तहसीलदार ने गलत रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई। आरोप है कि उनके सेवा रिकॉर्ड में एडवर्स एंट्री (प्रतिकूल प्रविष्टि) दर्ज की गई और पिछले 8 महीने से उनका वेतन रोक दिया गया है।
📱 “DM का आईफोन मेरी कमाई का”— सनसनीखेज दावे
राखी शर्मा ने व्यक्तिगत लाभ और अवैध वसूली के जो आरोप लगाए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि:
- DM वर्तमान में जिस 1.75 लाख रुपये के आईफोन और एप्पल वॉच का उपयोग कर रहे हैं, वह उनकी (राखी शर्मा की) कमाई से खरीदा गया है।
- इन उपहारों और पैसों के लेनदेन में DM के OSD शीलेन्द्र शर्मा की मुख्य भूमिका बताई गई है, जो कथित तौर पर DM के लिए यह ‘मैनेजमेंट’ करते हैं।
⚖️ कोर्ट पहुंचीं तो मिला ‘रिट’ वापसी का दबाव
अन्याय के खिलाफ राखी शर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका आरोप है कि जैसे ही DM को इसकी भनक लगी, उन पर रिट याचिका वापस लेने के लिए भारी दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि DM ने कुछ अज्ञात लोगों को उनके पीछे लगा रखा है, जो उनकी जासूसी कर रहे हैं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
📑 “मेरे पास हैं सारे सबूत”
राखी शर्मा का कहना है कि वे बिना किसी आधार के यह बात नहीं कह रही हैं। उनके पास अपने दावों को सच साबित करने के लिए डिजिटल और दस्तावेजी प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में उच्चस्तरीय जांच (SIT या CBI) की मांग की है।
🔍 प्रशासनिक गलियारों में चर्चा
यह मामला उत्तर प्रदेश की “जीरो टॉलरेंस” नीति के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। एक महिला अधिकारी द्वारा अपने ही जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी पर लगाए गए इन आरोपों ने प्रशासनिक शुचिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें लखनऊ (शासन) पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में DM के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई होती है या नहीं।
“न्याय के लिए मैं अंतिम सांस तक लड़ूंगी, मेरे पास हर अवैध लेनदेन और दबाव का सबूत है।” — राखी शर्मा, तहसीलदार



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