Media4samachar की तरफ से संजय प्रसाद जी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं बधाई
संघ लोक सेवा आयोग की कठिन परीक्षा पास करके आईएएस बनने के बाद कई लोग काफी आगे निकल जाते हैं. कुछ आईएएस अधिकारी ऐसे होते हैं, समय के साथ साथ जिनकी भूमिकाएं बदलती रहती हैं. यह कहानी भी एक ऐसे ही आईएएस अधिकारी (IAS Officer) की है.
आईएएस अधिकारी संजय प्रसाद को उत्तर प्रदेश का सबसे ताकतवर आईएएस माना जाता है. अपने 30 साल लंबे प्रशासनिक करियर में वह यूपी के कई मुख्यमंत्रियों को देख चुके हैं और उनके साथ काम कर चुके हैं.जानकारी के मुताबिक 23 मई 1971 को जन्में संजय प्रसाद मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस समय देश के सबसे ताकतवर मुख्यमंत्रियों में से एक माना जा रहा है, पर क्या आप जानते हैं कि योगी सरकार के सबसे ताकतवर आईएएस अधिकारी कौन हैं? अगर नहीं, तो चलिए आपको बता देते हैं. इस आईएएस अधिकारी का नाम संजय प्रसाद है, जो लगभग 30 साल से प्रशासनिक करियर में हैं और अपने इस लंबे कार्यकाल में वह यूपी के कई मुख्यमंत्रियों को देख चुके हैं और उनके साथ काम कर चुके हैं, जिसमें कल्याण सिंह से लेकर राजनाथ सिंह, राम प्रकाश गुप्ता, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और मायावती शामिल हैं. आइए जानते हैं IAS संजय प्रसाद की सक्सेस स्टोरी के बारे में.
बिहार से शुरू हुआ सफर
संजय प्रसाद उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उनका जन्म 23 मई 1971 को बिहार के सीतामढ़ी में हुआ था. उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर डिग्री जरूर ली है. वह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर साल 1995 में आईएएस अधिकारी बने थे.
आजमगढ़ में मिली पहली पोस्टिंग
यूपीएससी पास करने के बाद एक आईएएस अधिकारी के रूप में उनकी ट्रेनिंग 5 सितंबर 1995 से 31 मई 1996 तक मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में हुई थी और ट्रेनिंग के बाद 13 जून 1996 को उन्हें पहली पोस्टिंग आजमगढ़ में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट और असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में मिली. इसके बाद उन्होंने मुजफ्फरनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और अमरोहा सहित कई जिलों में भी जिम्मेदारियां संभाली.
माना जाता है कि योगी आदित्यनाथ से उनकी पहली मुलाकात साल 1999 में गोरखपुर में हुई थी. उस समय योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद थे और संजय प्रसाद गोरखपुर के मुख्य विकास अधिकारी यानी सीडीओ (CDO) बने थे. उन्होंने करीब 2 साल तक वहां काम किया और उसके बाद उनका ट्रांसफर हो गया. फिर साल 2002 में लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी बने. उसके बाद उन्होंने महाराजगंज, बहराइच, अयोध्या और आगरा में भी डीएम के तौर पर काम किया.
क्या प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार में जाएंगे IAS संजय प्रसाद?
अभी दो महीने पहले ही खबर आई थी कि आईएएस संजय प्रसाद केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार ने योगी सरकार के 6 आईएएस अधिकारियों को केंद्र में सचिव और समकक्ष पदों पर प्रतिनियुक्ति के लिए लिस्ट किया है, जिसमें IAS संजय प्रसाद का नाम भी शामिल है. फिलहाल वह यूपी में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के पद पर कार्यरत हैं और माना जाता है कि सीएम योगी उनपर पूरा भरोसा करते हैं.
उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी संजय प्रसाद की. संजय प्रसाद का नाम यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के सबसे खासमखास अधिकारियों में शुमार है. संजय प्रसाद ने पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा (Civil Services Exam) दी और उनका सेलेक्शन 1995 में आईएएस के लिए हो गया. संजय प्रसाद ने भूगोल से पोस्ट ग्रेजुएशन किया था.
*संजय प्रसाद इन सरकारों में कर चुके हैं काम*
इस वर्ष के यूपी राज्य चुनाव अभियान के दौरान, प्रसाद ने सीएम के प्रोटोकॉल अधिकारी के रूप में कार्य किया. दरअसल, आदित्यनाथ के अधीन सेवा करने से पहले, प्रसाद ने भाजपा के कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और राम प्रकाश गुप्ता, सपा के मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव और बसपा की मायावती की सरकारों में कार्य किया है. यूपी में उनके एक साथी और सहयोगी ने कहा, ‘वह पूरे समय एक कुशल अधिकारी बने रहे.





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